सामंत कमेटी का कार्यकाल 31 दिसंबर तक बढ़ाया, कर्मचारी संगठनों में रोष

कर्मचारी संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार वेतन विसंगतियों को दूर नहीं करना चाहती और मामले को यूं ही लटकाना चाहती है. चार माह बाद प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं. अक्टूबर के माह में आचार संहिता लग जाएगी, ऐसे में कर्मचारियों की मांगों का समाधान होना मुश्किल है. अब सामंत कमेटी का कार्यकाल बढ़ाने के विरोध में 29 अगस्त को जयपुर में रैली का आयोजन किया जाएगी.

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: August 10, 2018, 10:43 AM IST
सामंत कमेटी का कार्यकाल 31 दिसंबर तक बढ़ाया, कर्मचारी संगठनों में रोष
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे.
Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: August 10, 2018, 10:43 AM IST
राज्य सरकार द्वारा वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए गठित की गई डीसी सामंत कमेटी का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ा दिया है. सामंत कमेटी अब 31 दिसंबर 2018 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. 8 अगस्त को सामंत कमेटी का कार्यकाल समाप्त हो गया था.

राज्य सरकार द्वारा सामंत कमेटी का पांचवी बार कार्यकाल बढ़ाया गया है. राज्य सरकार ने सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने और कर्मचारियों की अन्य मांगों के समाधान के लिए पूर्व मुख्य सचिव डीसी सामंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. सामंत कमेटी की रिपोर्ट पेश होने के बाद ही राज्य सरकार सिफारिशों पर अमल करेगी.

सामंत कमेटी का कार्यकाल बढ़ाए जाने पर कर्मचारी संगठनों ने नाराजगी जताई है. अखिल राज्य कर्मचारी महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कार्यकाल बढ़ाने पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं. राठौड़ ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है. कमेटी का कार्यकाल बढ़ाने से कर्मचारियों में रोष है.

कर्मचारी संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार वेतन विसंगतियों को दूर नहीं करना चाहती और मामले को यूं ही लटकाना चाहती है. चार माह बाद प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं. अक्टूबर के माह में आचार संहिता लग जाएगी, ऐसे में कर्मचारियों की मांगों का समाधान होना मुश्किल है. अब सामंत कमेटी का कार्यकाल बढ़ाने के विरोध में 29 अगस्त को जयपुर में रैली का आयोजन किया जाएगी. राठौड़ ने कहा कि असर सरकार कर्मचारियों की मांगों को नहीं मानती तो रैली महापड़ाव में बदल जाएगी.
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