खुशखबरी! किसानों को अब बाजार मूल्य कम होने पर मजबूरी में नहीं बेचनी पड़ेगी फसल


Updated: September 17, 2017, 6:15 PM IST
खुशखबरी! किसानों को अब बाजार मूल्य कम होने पर मजबूरी में नहीं बेचनी पड़ेगी फसल
फाइल फोटो.

Updated: September 17, 2017, 6:15 PM IST
किसानों को फसल का वाजिब दाम दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीद की जाती है. सरकार ने इस दिशा में एक और प्रयास किया है.

अब किसानों को उसकी उपज का सही मूल्य मिल सके और मजबूरी में उपज को नहीं बेचना पड़े तथा उन्हें बिचौलियों के चंगुल में फसने से बचाया जा सके इसके लिए कृषि उपज रहन ऋण योजना शुरू की है. यह जानकारी सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने रविवार को दी.

उन्होंने बताया कि किसानों को कृषि कार्य से नियमित मासिक आय नहीं होती है. किसान को उपज बेचने से आय होती है. ऐसे में यदि बाजार में उपज का मूल्य कम है और उसे परिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए पैसों की तुरन्त आवश्यकता होने पर मजबूरी में कम दामों पर उपज को बेचना पड़ता है. इन परिस्थितियों के मैनजर किसान की तात्कालिक वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने के उद्देश्य से इस योजना को प्रारम्भ किया गया है.

मंत्री किलक ने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को उनके द्वारा रहन रखी गई उपज के बाजार मूल्य या समर्थन मूल्य जो भी कम हो के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा और मूल्यांकित राशि की 70 प्रतिशत राशि रहन ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी.

उन्होंने बताया कि लघु एवं सीमान्त किसानों के लिए 1.50 लाख रुपए और बड़े किसानों को 3 लाख रुपए तक का ऋण मात्र 11 प्रतिशत की ब्याज दर पर दिया जा सकेगा.

उन्होंने बताया कि इस योजना में किसान को 90 दिवस की अवधि के लिए ऋण मिलेगा. विशेष परिस्थितियों में यह सीमा 6 माह तक हो सकेगी. निर्धारित समय पर ऋण का चुकारा करने पर किसान को 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा. इससे किसान को मात्र 9 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण मिल पाएगा और वह बाजार में सही भाव होने पर अपनी उपज को बेच सकेगा एवं तात्कालिक वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकेगी.
First published: September 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर