राजस्थान सरकार ने किया आसाराम की जमानत का विरोध, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर

आसाराम पिछले दिनों कोरोना संक्रमण से संक्रमित हो गये थे.

आसाराम पिछले दिनों कोरोना संक्रमण से संक्रमित हो गये थे.

Asaram case Update: राजस्थान सरकार ने यौन उत्पीड़न (Sexual harrasment) के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की जमानत का विरोध किया है. राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है.

  • Share this:

जयपुर. राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा दायर कर आसाराम  (Asaram) की जमानत का विरोध किया है. राजस्थान सरकार ने अपने हलफनामे (Affidavit) में कहा है कि आसाराम चिकित्सा उपचार की आड़ में अपनी हिरासत की जगह को बदलना चाहता है. आसाराम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा.

आसाराम अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है. आसाराम लंबे समय से हर तरकीब अपनाकर जमानत का प्रयास कर रहा है, लेकिन उसमें सफल नहीं हो पाया है.

आसाराम ने एलोपैथिक इलाज लेने से मना कर दिया था

दरअसल आसाराम पिछले दिनों कोरोना संक्रमण से संक्रमित हो गये थे. इस उन्हें जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. आसाराम को बाद में वहां से जोधपुर एम्स में शिफ्ट कर दिया गया था. वहां आसाराम के पेट में अल्सर होने के संदेह पर एंडोस्कोपी करवाई गई थी. लेकिन इस दौरान आसाराम ने एलोपैथिक इलाज लेने से मना कर दिया था.
आयुर्वेद से इलाज की थी मांग

आसाराम का कहना कि इस पद्धति से इलाज उन्हें जंचता नहीं है. आसाराम ने मांग की थी उसका इलाज आयुर्वेद पद्धति से करवाया जाये. इसके लिये आसाराम ने अपना इलाज केरल के किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ के पास या फिर जोधपुर के करवड़ आयुर्वेद अस्पताल में कराये जाने की मांग की थी.

हाई कोर्ट ने स्वीकार नहीं की थी याचिका



इस मामले को लेकर आसाराम और उसके बेटे नारायण सांईं ने जोधपुर हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर की थी. लेकिन कोर्ट ने उसे स्वीकार नहीं किया था. उसके बाद आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में इस मांग को लेकर याचिका दायर कर दी थी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज