गबन की आरोपी पर मेहरबान गहलोत सरकार, किया निलंबित IAS अफसर निर्मला मीणा को बहाल

राजस्थान के चर्चित गेंहू घोटाले में करीब 8 करोड़ रुपए के गबन की आरोपी सस्पेंडेड IAS अफसर निर्मला मीणा (IAS Nirmala Meena) को सरकार (Rajasthan Govt) ने फिर से बहाल कर दिया है.

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: August 18, 2019, 12:09 PM IST
गबन की आरोपी पर मेहरबान गहलोत सरकार, किया निलंबित IAS अफसर निर्मला मीणा को बहाल
सस्पेंडेड IAS अफसर निर्मला मीणा को गहलोत सरकार ने फिर से बहाल कर दिया है. (फाइल फोटो)
Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: August 18, 2019, 12:09 PM IST
राजस्थान के चर्चित गेंहू घोटाले में करीब 8 करोड़ रुपए के गबन की आरोपी सस्पेंडेड IAS अफसर निर्मला मीणा सरकार ने फिर से बहाल कर दिया है. निर्मला जोधपुर में जिला रसद अधिकारी के रूप में तैनात थी. उनपर अपने कार्यकाल में 35 हजार क्विंटल गेंहू के गबन का आरोप लगा है. उन्हें पिछले साल मई में एसीबी के समक्ष जोधपुर में सरेंडर किया था. सरेंडर से पहले मीणा अग्रिम जमानत अर्जी सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी थी. तभी से मीणा के पास एसीबी के समक्ष सरेंडर करने के अतिरिक्त कोई चारा नहीं बचा था.

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बचने के प्रयास में फंसती चली गई थी निर्मला
निर्मला मीणा पर 35 हजार क्विंटल गेहूं के गबन के आरोप लगे हैं. इस मामले में मीणा ने एसीबी से बचने के तमाम प्रयास किए लेकिन आखिर वह अपने ही बयानों में ऐसी फंसी कि फंसती चली गई. यही नहीं खुद के साथ अपने पति पवन मित्तल को भी फंसा बैठी. हालांकि उन्हें एक साल पहले ही यानी जुलाई 2018 में ही हाईकोर्ट से जमानत मिल गई. कोर्ट ने निर्मला को 50 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी थी.

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एसीबी के समक्ष सरेंडर करने के बाद करीब दो महीने तक निर्मला मीणा जोधपुर केंद्रीय कारागृह में रहीं. जोधपुर में जिला रसद अधिकारी रहते हुए निर्मला मीणा पर गरीबों को बांटे जाने वाले गेहूं को आटा मिलों में बेचने का आरोप है.

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सस्पेंडेड IAS अफसर निर्मला मीणा (फाइल फोटो)


पहले सैशन कोर्ट, हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद से ही निर्मला मीणा भूमिगत हो गई थी. सुप्रीम कोर्ट से ​अग्रिम याचिका खारिज होने एवं एसीबी के दबाव के चलते मीणा ने 16 मई को जोधपुर स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कार्यालय में सरेंडर किया था.

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First published: August 13, 2019, 4:56 PM IST
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