राजस्थान में शेल्टर होम की जांच के लिए टास्क फोर्स का गठन

राजस्थान सरकार राज्य के सभी शेल्टर होम की जांच-पड़ताल के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है. यह टास्क फोर्स सरकार को 40 दिन के भितर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

News18 Rajasthan
Updated: August 10, 2018, 4:13 PM IST
राजस्थान में शेल्टर होम की जांच के लिए टास्क फोर्स का गठन
अरूण चतुर्वेदी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री (फाइल फोटो). 
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Updated: August 10, 2018, 4:13 PM IST
उत्तर प्रदेश और बिहार की ताजा घटनाओं से सबक लेते हुए अब राजस्थान सरकार भी शेल्टर होम्स को लेकर एक्शन में आ गई है. फर्जी संस्थाओं पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने मानस बना लिया है और इसके लिए शुक्रवार को एक स्टेट लेवल टास्क फोर्स का गठन भी कर दिया है. इसके जरिए अब सरकार प्रदेश के सभी शेल्टर होम और चाइल्ड होम का सर्वे करवाएगी.

राजस्थान सरकार इस टास्क फोर्स के गठन के साथ ही शेल्टर होम के बच्चों का हाल जानेगी और टास्क फोर्स की टीम इसके लिए उनसे वन टू वन बातचीत करेगी. शेल्टर होम में रह रहे बच्चों से बातचीत करके यह जाना जाएगा कि वे वहां सुरक्षित हैं भी या नहीं. उनमें यह जाना जाएगा कि बच्चियों को शेल्टर होम में किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं.

यह स्टेट टास्क फोर्स की टीम 30 अगस्त तक सर्वे कर राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी. टास्क फोर्स की टीम सर्वे में स्थानीय पुलिस थाने की मदद लेगी. सर्वे में इस बात को एनश्योर किया जाएगा कि क्या संस्था रजिस्टर्ड है या नहीं. संस्था सभी तरह की कानूनी नियमों को पूरा करती भी है या नहीं. इसके अलावा संस्था में बच्चियों की सुरक्षा, खाना-पीना और रहने की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी.

सरकार ने टास्क फोर्स का गठन किया है ताकि किसी तरह की कोई गड़बड़ी आए तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सके. अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 30 सितंबर तक सभी संस्थाओं का सर्वे कर रिर्पोट सौंपी जाए.
अरुण चतुर्वेदी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री
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