महिला कर्मचारियों को 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव का मिलेगा पूरा वेतन

चाइल्ड केयर लीव बच्चे की गंभीर बीमारी के समय देखभाल, विकलांगता के कारण बच्चे का पालन, बच्चे की सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी परीक्षा के अतिरिक्त शिक्षण कार्य के समय देखभाल, 3 वर्ष तक की आयु के बच्चे की पालन स्थिति में चाइल्ड केयर लीव अवकाश स्वीकृत की जा सकती है.

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: September 11, 2018, 10:07 AM IST
महिला कर्मचारियों को 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव का मिलेगा पूरा वेतन
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (फाइल फोटो).
Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: September 11, 2018, 10:07 AM IST
राज्य सरकार अब महिला कर्मचारियों को संपूर्ण सेवाकाल में 730 दिवस का चाइल्ड केयर लीव पर पूरा वेतन दिये जाने का प्रावधान किया है. वित्त विभाग ने चाइल्ड केयर लीव के बारे में आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं. महिला कर्मचारी द्वारा अपने सबसे बड़े दो बच्चों या उनमे से किसी बच्चे का पालन, परीक्षा व बीमारी आदि के समय देखभाल करने के लिए चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत कि जाने का प्रावधान किया गया है. अवकाश स्वीकृत करने का निर्णय विभागाध्यक्ष द्वारा लिया जाएगा.

राजस्थान सेवा नियम 1951 के अनुसार एक राज्य कर्मचारी को एक समय में अधिकतम 120 दिवस तक का उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है, लेकिन किसी मान्यता प्राप्त सेनिटोरियम, अस्पताल में टीबी, कैंसर रोग, कोड अथवा मानसिक रोग के निदान की चिकित्सा के लिए आवश्यकता हो तो एक समय में 300 दिवस तक का उपार्जित अवकाश देय होने पर स्वीकृत किया जा सकता है.

इसके तहत महिला कार्मिक अपने बच्चे के पालन, परीक्षा एवं बीमारी से समय देखभाल के लिए एक समय में अधिकतम 120 दिवस का चाइल्ड केयर लीव स्वीकृतक किया जा सकेगा. नियम 103 के तहत चाइल्ड केयर लीव के साथ महिला कर्मचारी द्वारा अन्य देय अवकाश स्वीकृत करने हेतु आवेदन किया जाता है तो अवकाश अवधि 120 दिवस होने के कारण ऐसा अवकाश विभागाध्यक्ष द्वारा स्वीकृत किए जाने का निर्णय लिया जाएगा.

चाइल्ड केयर लीव बच्चे की गंभीर बीमारी के समय देखभाल, विकलांगता के कारण बच्चे का पालन, बच्चे की सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी परीक्षा के अतिरिक्त शिक्षण कार्य के समय देखभाल, 3 वर्ष तक की आयु के बच्चे की पालन स्थिति में चाइल्ड केयर लीव अवकाश स्वीकृत की जा सकती है.

चाइल्ड केयर लीव से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अवकाश के दौरान कार्यालय व्यवस्था एवं सेवा में बाधा उत्पन्न नहीं हो एवं कार्यालय का सुचारू संचालन संभव हो पाए. एक समय में कार्यालय में कार्यरत कुल कार्मिकों की संख्या में बीस फीसदी से ज्यादा कार्मिकों को यह लीव नहीं दी जा सकेगी. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मौजूदा बजट में महिला कार्मिकों को चाइल्ड केयर लीव देने की घोषणा की थी.
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