दिवाली से पहले इन दिग्गज नेताओं को गहलोत सरकार ने दिया झटका, अगले महीने से पेंशन बंद
Jaipur News in Hindi

दिवाली से पहले इन दिग्गज नेताओं को गहलोत सरकार ने दिया झटका, अगले महीने से पेंशन बंद
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने मीसा-डीआईआर और सीआरपीसी में निरुद्ध बंदियों को लोकतंत्र सेनानी मानने से इनकार कर दिया है.

राजस्थान की अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार ने मीसा-डीआईआर ( MISA Detainees) और सीआरपीसी में निरुद्ध बंदियों को लोकतंत्र सेनानी मानने से इनकार कर दिया है. इस निर्णय का असर अगले महीने से गुलाबचंद कटारिया ( Gulab Chand Kataria), घनश्याम तिवाड़ी (Ghanshyam Tiwari) जैसे प्रदेश के कई दिग्गज नेताओं की जेब पर भी पड़ेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2019, 5:30 PM IST
  • Share this:
जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार ने मीसा-डीआईआर (MISA Detainees) और सीआरपीसी में निरुद्ध बंदियों को लोकतंत्र सेनानी मानने से इनकार कर दिया है. प्रदेश में बीजेपी के पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार ने ऐसे करीब 4 हजार लोगों को लोकतंत्र सेनानी का दर्जा देते हुए 20 हजार रुपए मासिक पेंशन (Monthly Pension) और 4000 रुपए मेडिकल (Medical Allowance) समेत कई अन्य सुविधाएं देना शुरू किया था. प्रदेश में सरकार बदली तो अब इन बंदियों को मिले सेनानी के दर्जे के साथ अन्य सुविधाओं से वंचित कर दिया गया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने मीसा बंदियों की पेंशन बंद करने का निर्णय लिया गया. इस निर्णय का असर अगले महीने से प्रदेश के कई दिग्गज नेताओं की जेब पर भी पड़ेगा.

इन दिग्गज नेताओं को अब नहीं मिलेंगे 24 हजार रुपए महीना
आपातकाल के मीसा बंदियों को सरकारी पेंशन बंद किए जाने का असर जिन दिग्गज  नेताओं पर पड़ने वाला है, उनमें कांग्रेस नेता घनश्याम तिवाड़ी, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, पूर्व मंत्री भंवरलाल शास्त्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरिशंकर भाभड़ा भी शामिल हैं. इन नेताओं के साथ प्रदेश करीब 4000 मीसा-डीआईआर और सीआरपीसी में निरुद्ध बंदियों को पिछली वसुंधरा राजे सरकार ने पेंशन के साथ अन्य लाभ देना शुरू किया था. मेडिकल अलाउंस के साथ इसके तहत 24000 रुपए महीना पेंशन दी जा रही थी.

निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की साफ संदेश देने की कवायद
गहलोत सरकार के इस फैसले को राजनीतिक विशेषज्ञ आगामी निकाय और पंचायती राज चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं. कहा जा रहा है कि कांग्रेस मीसा बंदियों को पेंशन बंद कर अपने साफ संदेश देना चाहती है कि अब तक जो काम आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा के अनुसार हुए हैं उन निर्णयों को वापस लिया जाएगा. कांग्रेस सरकार का यह निर्णय पार्टी के कार्यकर्ताओं में चुनाव से पहले जोश भरने के लिए कोशिश भी बताया जा रहा है.



ये भी पढ़ें-
Diwali 2019 पर जयपुर में आतिशबाजी और पटाखे चलाने पर सरकार ने लगाई ये पाबंदी
टाइग्रेस के लिए आपस में भीड़े दो टाइगर, जंगल में खूनी संघर्ष का VIDEO वायरल
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading