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अब कांस्टेबल बनेंगे IO, 2 साल तक की जेल वाले मामलों की कर सकेंगे जांच

News18Hindi
Updated: November 4, 2019, 3:49 PM IST
अब कांस्टेबल बनेंगे IO, 2 साल तक की जेल वाले मामलों की कर सकेंगे जांच
कांस्टेबल और हैड कांस्टेबल को अपराधों की जांच के लिए अधिकृत किया गया है.

कांस्टेबल और हैड कांस्टेबल (Head Constable) को अपराधों की जांच (Police Investigation) के लिए अधिकृत किया गया है. अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार ने थानों बढ़ते परिवादों को देखते हुए यह फैसला लिया है.

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  • Last Updated: November 4, 2019, 3:49 PM IST
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जयपुर. राजस्थान में अब पुलिस (Rajasthan Police) कांस्टेबल (Constable) को भी जांच अधिकारी (IO) की जिम्मेदारी दी जाएगी. कांस्टेबल ओर हैड कांस्टेबल (Head Constable) को अपराधों की जांच (Police Investigation) के लिए अधिकृत करने का यह फैसला अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार ने थानों बढ़ते परिवादों को देखते हुए लिया गया है. दरअसल, हाल ही सरकार ने थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी का परिवाद दर्ज करने और राज्य में फ्री रजिस्ट्रेशन की नीति लागू की है. इसके बाद थानों में प्रकरणों की संख्या बढ़ी है. थानों में केसेज की संख्या बढ़ने के कारण अनुसंधान में देरी नहीं हो, इसे देखते हुए यह अहम निर्णय किया है.
समय पर जांच और कांस्टेबल की दक्षता का सही उपयोग
पुलिस केसेज की समय पर तफ्तीश सुनिश्चित करने के लिए थानों में तैनात निर्धारित मापदंड पूरे करने वाले कांस्टेबल एवं हैड कांस्टेबल को भी अनुंसधान के लिए अधिकृत करने का महत्वपूर्ण निर्णय किया है. इस निर्णय से परिवादों का गुणवत्ता के साथ अनुसंधान होने के साथ ही पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा और कांस्टेबल एवं हैड कांस्टेबल की ऊर्जा एवं दक्षता का उपयोग तफ्तीश कार्य में हो सकेगा.
ये ही कांस्टेबल होंगे जांच के अधिकारी

अनुसंधान की गुणवत्ता को देखते हुए उन्हीं कांस्टेबल तथा हैड कांस्टेबल को तफ्तीश के लिए अधिकृत किया जाएगा. इसके लिए जो स्नातक हों तथा 9 वर्ष की सेवा पूरी करने पर अश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेस (एसीपी) प्राप्त कर ली हो तथा जिन्होंने थाने अथवा पुलिस चौकी पर 5 वर्ष की सेवा दी हो वो ही अधिकृत होंगे. इसके साथ ही उन्हें अनुसंधान का प्रशिक्षण लेने के बाद पुलिस महानिदेशक द्वारा निर्धारित परीक्षा भी उत्तीर्ण करनी होगी.
5 वर्ष तक कारावास से दंडनीय अपराधों की जांच
निर्धारित मापदंड़ों को पूरा करने वाले हैड कांस्टेबलों को सात वर्ष तक के कारावास से दंडनीय अपराधों के अनुसंधान तथा कांस्टेबलों को दो वर्ष तक के कारावास से दंडनीय अपराधों की तफ्तीश की जिम्मेदारी दी जा सकेगी. इन कांस्टेबल तथा हैड कांस्टेबल द्वारा किए गए अनुसंधान की मॉनीटरिंग संबंधित पुलिस उपाधीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक द्वारा नियमित रूप से की जाएगी.
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First published: November 4, 2019, 3:49 PM IST
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