जयपुर में नीम हकीमों और झोलाछाप डॉक्टरों की अब खैर नहीं!

राजस्थान की राजधानी जयपुर में अब नीम हकीमों एवं झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा क्लिनिक चलाना मुश्किल होगा. ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार ये कदम उठाने जा रही है.

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Updated: June 15, 2019, 5:00 PM IST
जयपुर में नीम हकीमों और झोलाछाप डॉक्टरों की अब खैर नहीं!
प्रतिकात्मक तस्वीर. (Getty Images)
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Updated: June 15, 2019, 5:00 PM IST
राजस्थान की राजधानी जयपुर में अब नीम हकीमों एवं झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा क्लिनिक चलाना मुश्किल होगा. ऐसे डॉक्टरों और हकीमों के खिलाफ अब राज्य की गहलोत सरकार सख्त कार्रवाई करने वाली है. इस बाबत एक कमेटी का गठन भी किया गया है. यह कमेटी ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी. पकड़ में आए लोगों पर पुलिस केस किया जाएगा.

धारा 411, 420 के तहत दर्ज होगा केस

यह गठित टीम अवैध चिकित्सकों के विरूद्ध आधुनिक चिकित्सा परिषद अधिनियम 1956 की धारा 15 (2) एवं भारतीय दण्ड सहीता की धारा 411, 420 के तहत संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने का कार्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण संपादित कर सकेंगे. बिना पंजीकरण के आयुर्वद पद्धतियों में चिकित्सा अभ्यास कर रहे व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद अधिनियम 1970 की धारा-17 (4) के अन्तर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने का कार्य जिला आयुर्वेद अधिकारी के अधिन अधिकारीगण संपादित करते समय इंडियन मेडिकल बोर्ड राजस्थान, जयपुर से पंजीकृत व्यक्ति को अनावश्यक असुविधा न होना सुनिश्चित करेगें.

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कलेक्टर ने कमेटी में इन अधिकारियों को शामिल किया 
जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव के अनुसार नीम हकीमों एवं झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा क्लिनिक चलाने के विरूद्ध कार्यवाही के लिए गठित कमेटी में उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, उपखण्ड पुलिस अधिक्षक, वृत्त अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, प्रभारी अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला आयुर्वेद अधिकारी तथा औषधि नियत्रंण अधिकारी होगें.

ऐसे डॉक्टरों को दवा सप्लाई करने वालों पर भी कार्रवाई
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औषधियों का स्टॉक विक्रय हेतु पाये जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत स्टॉक जब्त कर संबंधित क्षेत्र के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से अभिरक्षा हेतु आदेश प्राप्त करने कार्य कर औषधि नियंत्रण अधिकारी के अधिकारीगण संपादित करेंगे साथ ही इस अधिनियम के तहत नीम हकीमों को अनाधिकृत रूप से औषधियों की सप्लाई करने वाले व्यक्यितों/फर्मों के नाम व पते रिकॉर्ड कराँगे ताकि उनके विरूद्ध भी कार्यवाही की जा सके.

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First published: June 15, 2019, 4:39 PM IST
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