लाइव टीवी

एचआरए मामले में हाईकोर्ट ने दी कर्मचारियों को राहत

Sachin | ETV Rajasthan
Updated: May 30, 2017, 7:59 PM IST
एचआरए मामले में हाईकोर्ट ने दी कर्मचारियों को राहत
मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता आरएन माथुर और अधिवक्ता शोवित झाझरिया ने कर्मचारियों की तरफ से पैरवी की.

राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने एचआरए के मामले में लगी एक जनहित याचिका को निरस्त कर दिया है. खंडपीठ ने सरकार को पीड़ित कर्मचारियों को जनवरी से अब तक हुए नुकसान की एरियर के रूप में भरपाई करने के निर्देश भी दिए हैं.

  • Share this:
राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने एचआरए के मामले में लगी एक जनहित याचिका को निरस्त कर दिया है. खंडपीठ ने सरकार को अंतरिम आदेश से पीड़ित कर्मचारियों को जनवरी 2017 से अब तक हुए एचआरए नुकसान की एरियर के रूप में भरपाई करने के निर्देश भी दिए हैं.

जानकारी के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद 5 सितंबर 2016 को एक अंतरिम आदेश जारी किया था. जिसमें कोर्ट ने कहा था कि यदि राज्य सरकार में सेवारत पति-पत्नी की एक ही जगह पर पोस्टिंग है, तो उनमें से एचआरए का लाभ एक ही को दिया जाए जिसका वेतन अधिक हो। मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग की खंडपीठ ने उक्त आदेश को निरस्त कर दिया. कोर्ट ने कर्मचारियों के पार्टी बनने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कहा कि एचआरए देना राज्य सरकार के नियमों में है और जनहित याचिका से नियमों को चुनौती नहीं दी जा सकती है.

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए 1 जनवरी 2017 से ही इसे लागू कर दिया था. लेकिन अब कोर्ट के ताजा आदेश के बाद सेवारत पति—पत्नी दोनों को एचआरए मिलने का रास्ता साफ हो गया है. कोर्ट ने सरकार को पिछले आदेश के कारण प्रभावित कर्मचारियों को जनवरी माह से बकाया एरियर भी देने का निर्देश दिया.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जयपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 30, 2017, 7:59 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर