आसाराम को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने खारिज की अंतरिम जमानत की अर्जी

कोर्ट ने एम्स को निर्देश देते हुए कहा कि एलोपैथी पद्धति से अल्सर का इलाज करवाएं.

हाईकोर्ट जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस देवेन्द्र कछवाह की खण्डपीठ ने की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी. आसाराम को जेल में शिफ्ट किया जा सकता है.

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    जयपुर. दुष्कर्म के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका शुक्रवार को राजस्थान हाई कोर्ट ने खारिज कर दी. कोर्ट ने एम्स को निर्देश देते हुए कहा कि एलोपैथी पद्धति से अल्सर का इलाज करवाएं. यदि स्वास्थ्य में है सुधार तो फिर जेल भेजें. आसाराम को जेल में शिफ्ट किया जा सकता है.

    हाईकोर्ट जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस देवेन्द्र कछवाह की खण्डपीठ ने की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी. मामले की सुनवाई आधे घण्टे चली. आसाराम ने अर्जी में कहा था कि एलोपैथिक के बजाय आयुर्वेद इलाज की इजाजत दें. कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए एम्स में ही इलाज करने के आदेश दिए. आसाराम ने दो अर्जी हाई कोर्ट में दाखिल की थीं. पहली अर्जी अंतिरिम जमानत के लिए थी. दूसरी अर्जी आयुर्वेद पद्धति से इलाज की गुहार की थी. कोर्ट ने दोनों अर्जी खारिज कर दी हैं.