कंडोम विज्ञापन पर राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्र को दिया नोटिस

राजस्थान हाई कोर्ट
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कंडोम के विज्ञापनों को रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक ही दिखाए जाने पर जवाब मांगा है.

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कंडोम के विज्ञापन के प्रसारण को लेकर जारी एडवाइज़री को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है. ग्लोबल एलायंस फॉर ह्यूमन राइट्स ने जनहित याचिका दायर करके इसे चुनौती दी है.

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग की खण्डपीठ ने केन्द्र सरकार, केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और केन्द्रीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस जारी करते हुए 8 सप्ताह में जवाब मांगा है.

एनजीओ की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल ने बताया कि 11 दिसम्बर को केन्द्र सरकार ने एक एडवाइज़री जारी करते हुए कहा कि कंडोम के विज्ञापन केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही दिखाए जा सकेंगे. वहीं, सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक इनके प्रसारण पर रोक रहेगी.



उन्होंने बताया कि इसके पीछे केन्द्र सरकार का तर्क था कि इस तरह के विज्ञापनों से बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. ऐसे में इस तरह के विज्ञापनों के लिए समय तय करना जरूरी है. जिसे हमने यह कहते हुए हाई कोर्ट में चुनौती दी है कि जहां एक तरफ केन्द्र सरकार परिवार नियोजन और एड्स के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है. वहां इस तरह के आदेश से इस पर विपरीत असर पड़ेगा. वहीं अगर सरकार को लगता है कि कोई विज्ञापन मादक और उत्तेजक है. तो वह उस पर कार्रवाई कर सकती है. इस तरह से सभी विज्ञापनों पर पाबंधी लगाना उचित नहीं है.
अदालत ने नोटिस जारी करके जवाब मांगा है.
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