सोने के अंडे देने वाली मुर्गी बना राजस्थान आवासन मंडल, बंपर राजस्व से छाई रौनक
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सोने के अंडे देने वाली मुर्गी बना राजस्थान आवासन मंडल, बंपर राजस्व से छाई रौनक
मंडल के आयुक्त पवन अरोड़ा की मानें तो आने वाले मार्च से पहले पहले ही आवासन मंडल 500 करोड़ से ज्यादा का राजस्व कमा लेगा.

बीते 5 बरसों में सुस्ती के आलम में डूबे पड़े राजस्थान आवासन मंडल (Rajasthan Housing Board) में इन दिनों खासी रौनक देखने को मिल रही है. इस रौनक का कारण है मंडल को मिल रहा बंपर राजस्व (Record revenue).

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जयपुर. बीते 5 बरसों में सुस्ती के आलम में डूबे पड़े राजस्थान आवासन मंडल (Rajasthan Housing Board) में इन दिनों खासी रौनक देखने को मिल रही है. इस रौनक का कारण है मंडल को मिल रहा बंपर राजस्व (Record revenue). इससे एक तरफ जहां लोगों के घर का सपना (Dream of home ) साकार हो रहा है तो दूसरी और आवासन मंडल मालामाल हो रहा है. आवासन मंडल वर्तमान में राज्य सरकार (State government) के लिए मंदी के दौर में सोने के अंडे देने वाली मुर्गी बन गया है.

बड़ी संख्या में लोग नीलामी में भाग ले रहे हैं
मंडल इन दिनों आमजन के घर के सपने को साकार करने के काम में तेजी से जुटा है. मंदी के इस दौर में भी आवासन मंडल ने बरसों से नहीं बिक रहे मकानों को औने-पौने नहीं, बल्कि दो से तीन गुने दामों पर बेचे हैं. हालात यह है कि एक मकान की नीलामी में 10 से 100 लोग तक शामिल हो रहे हैं. मंडल की कुछ संपत्तियां तो ऐसी है जिनके लिए 100 से ज्यादा भी लोग नीलामी में भाग ले रहे हैं. इससे मंडल को मंदी के दौर में भी बरसों से नहीं बिक रही प्रोपर्टी बेचकर बंपर राजस्व मिल रहा. वहीं आमजन को सरकार की अविवादित क्लीयर टाइटल वाली प्रोपर्टी मिल रही है.

मार्च से पहले 500 करोड़ से ज्यादा के राजस्व की उम्मीद
मंडल के आयुक्त पवन अरोड़ा की मानें तो आने वाले मार्च से पहले पहले ही आवासन मंडल 500 करोड़ से ज्यादा का राजस्व कमा लेगा. यह अब तक के रिकार्ड में सबसे ज्यादा माना जा रहा है. मंडल बरसों से नहीं बिक रही संपत्तियों को बेचने के अलावा नए प्रोजेक्ट भी लाने जा रहा है. इसके साथ ही मंडल राजस्व कमाने के लिए बकाया लीज मनी की रिकवरी, बकाया लोन की ब्याज पेनल्टी की वसूली, मकानों की बकाया लोन की वसूली और संस्थानिक कार्यों के लिए भूमि आवंटन करके अपना राजस्व बढ़ाने में जुटा हुआ है.



पहले मंडल पर ताला लगाने की तैयारी हो गई थी
बहरहाल किसी जमाने में इसी आवासन मंडल पर सरकार की ओर से ताला लगाने की तैयारी हो गई थी, लेकिन राज्य में गहलोत सरकार के आने के बाद अब यही मंडल अब मंदी के दौर में सरकार के खजाने को भरने के लिए उसकी उम्मीदों पर खरा उतरने लगा है.

 

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