विकास की तरफ बढ़ता राजस्थान पूरी तरह से हुआ खुले में शौच मुक्त

स्वच्छ भारत मिशन में राजस्थान ने अपनी सूरत को बदल दिया है. राजस्थान सरकार का दावा है कि सूबे में अब ऐसे कोई शहर, कस्बा या गांव नहीं है, जहां खुले में शौच होता हो. पूरे प्रदेश को सरकार ने केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त यानी ओडीएफ कर दिया है.

Lovely Wadhwa | News18 Rajasthan
Updated: September 15, 2018, 2:39 PM IST
विकास की तरफ बढ़ता राजस्थान पूरी तरह से हुआ खुले में शौच मुक्त
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. (फोटो-डीआईपीआर)
Lovely Wadhwa | News18 Rajasthan
Updated: September 15, 2018, 2:39 PM IST
विकास की तरफ बढ़ता राजस्थान अब पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो गया है. राजस्थान के शहर और गांव पूरी तरह से ओडीएफ हो चुके हैं. इस बार राजस्थान ने स्वच्छ भारत मिशन शहरी और ग्रामीण में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में भी सुधार कर लिया है.

स्वच्छ भारत मिशन में राजस्थान ने अपनी सूरत को बदल दिया है. राजस्थान सरकार का दावा है कि सूबे में अब ऐसे कोई शहर, कस्बा या गांव नहीं है, जहां खुले में शौच होता हो. पूरे प्रदेश को सरकार ने केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त यानी ओडीएफ कर दिया है.

नगरीय विकास व स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने बताया कि सूबे की 191 ही नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका क्षेत्रों को स्वायत्त शासन विभाग ने ओडीएफ घोषित किए जा चुके हैं. वहीं इससे पहले सभी 43 हजार 344 गांव और 295 पंचायत समितियों और 9894 ग्राम पंचायतों को भी 3 अप्रैल 2018 को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है. प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि हर गांव-शहर में पर्याप्त शौचालय बना दिए गए हैं और जनता की मांग पर आगे भी इस अभियान के तहत जनता को लाभ दिया जाएगा.

सरकार के रास्थान के ओडीएफ के दावों पर सूबे की जनता ने अपनी मुहर लगा दी है. प्रदेश के शहरों और गांवों की जनता की जहां पहले शौचालय नहीं होने से खुले में शौचा के लिए जाना पड़ता था, वहीं अब सरकार की ओर से मिले अनुदान के बाद अब जनता के घर में ही शौचालय की सुविधा बढ़ी है, जिससे उनके मन की सभी शंकाएं दूर हो गई है.

राजस्थान में सरकार ने जनता को अनुदान देकर शहरों में जहां 3 लाख 30 हजार घरेलू शौचालय और 2200 सार्वजनिक टॉयलेट्स का निर्माण किया है वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में भी करीब 80 लाख से ज्यादा शौचालय बनाकर जनता को लाभान्वित किया है.
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