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कड़े फैसलों की कवायद: गहलोत सरकार देर सवेर लगा सकती है कोविड-19 सेस, विशेषज्ञों ने जताई संभावना

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प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने डेढ़ महीने में पेट्रोल और डीजल की वैट दरों में 3 बार बढ़ोतरी कर ...अधिक पढ़ें

जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने डेढ़ महीने में पेट्रोल और डीजल की वैट दरों में 3 बार बढ़ोतरी करके साफ संकेत दे दिए हैं कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आगामी दिनों में कड़े फैसले (decisions) लिए जा सकते हैं. कोरोना संक्रमण के कारण गर्त में गई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटी राज्य सरकार देर सेवर शराब पर कोविड-19 सेस (COVID-19 Cess) लगा सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार राज्य सरकार अपने खजाने को भरने के लिए इस तरह के कड़े कदम उठा सकती है. इसी के तहत कोविड-19 सेस की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. जीएसटी काउंसिल ने राज्य सरकारों को चीजों पर कर लगाने की शक्ति प्रदान की है. ऐसे में यह संभावना है कि सरकार लग्जरी आइटम पर सेस लगाकर राजस्व संग्रहण कर सकती है.

टास्क फोर्स देगी सरकार को सुझाव
साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के कर्ज भार से जूझ रही राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की है. कोरोना और लॉकडाउन के कारण उद्योगों को हो रही तकलीफों का एहसास राज्य सरकार को भी है. सरकार उद्यमियों को आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए कदम भी उठा रही है. प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव अरविंद मायाराम की अध्यक्षता में टास्क फोर्स कमेटी का गठन भी कर दिया गया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आर्थिक सलाहकार अरविंद मायाराम सुधार के उपायों पर राज्य सरकार को सुझाव देंगे.

बजट के प्रावधानों पर चलेगी कटौती की कैंची
गहलोत सरकार ने बजट घोषणाओं में कटौती करने के भी संकेत दिये हैं. अब बजट प्रावधानों में कटौती करने की तैयारी की जा रही है. लॉकडाउन के चलते राज्य सरकार को दो माह में मिलने वाले राजस्व में 10 हजार करोड़ रुपये की कमी आई है. यह कमी फिलहाल आगे भी जारी रहने की संभावना है.

इन चीजों पर लगाया जा सकता है कर
विशेषज्ञों का कहना कि सरकार मेडिकल, फूड, मिनरल वाटर और आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सेवाओं पर कोविड-19 के नाम से सेस लगाकर रेवेन्यू बढ़ा सकती है. फोर्टी प्रेसिडेंट सुरेश अग्रवाल ने संभावना जताई है कि सरकार सीमेंट, माइनिंग मिनरल्स और टाइलें बनाने वाले स्टोन पर कर लगा सकती है. ऐसा लगता है सरकार ने इसकी शुरुआत भी कर दी है. सीमेंट के दामों में अचानक तेजी आई है. सवा महीने पहले तक सीमेंट 330 रुपए प्रति बैग के आसपास मिलती थी, लेकिन अब इसके दाम 375 के आसपास हो गए हैं. राजस्थान सीमेंट का बहुत बड़ा उत्पादक राज्य है.

लग्जरी आइटम पर सेस लगाकर राजस्व संग्रहण कर सकती है
वहीं फोर्टी के पूर्व महामंत्री विजय गोयल का कहना है कि जीएसटी काउंसिल ने राज्य सरकारों को चीजों पर कर लगाने की शक्ति प्रदान की है. ऐसे में यह संभावना है कि सरकार लग्जरी आइटम पर सेस लगाकर राजस्व संग्रहण कर सकती है. उनका यह भी कहना है कि देर सवेर राज्य में शराब पर कोविड-19 सेस लग सकता है. हेरिटेज होटल व्यवसाय से जुड़े रणधीर विक्रम सिंह का कहना है कि सरकार को सेस लगाने से पहले आधारभूत ढांचे पर फोकस करना चाहिए.

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Tags: Ashok gehlot, Corona epidemic, Jaipur news, Rajasthan news

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