राजस्थान में महंगी हो गई बियर और विदेशी शराब, गहलोत सरकार ने जारी किया आदेश
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राजस्थान में महंगी हो गई बियर और विदेशी शराब, गहलोत सरकार ने जारी किया आदेश
आर्थिक संकट से निपटने के लिए गहलोत सरकार मार्च और अप्रैल में पेट्रोल व डीजल पर वैट में दो बार इजाफा कर चुकी है.

प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने खाली पड़े सरकारी खजाने को भरने की कवायद तेज कर दी है. इसके तहत राज्य सरकार ने अतिरिक्त आबकारी शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है.

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जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने खाली पड़े सरकारी खजाने को भरने की कवायद तेज कर दी है. इसके तहत राज्य सरकार ने अतिरिक्त आबकारी शुल्क (Additional excise duty) में बढ़ोतरी कर दी है. राज्य के वित्त विभाग ने इसको लेकर बुधवार को 2 अहम आदेश जारी किए हैं. दोनों ही आदेश शराब को महंगी करने वाले हैं. इससे शराब के शौकीन लोगों को अब शराब पीना महंगा पड़ेगा. सरकार ने नियमों में संशोधन कर यह आदेश निकाले हैं.

10 और 15 फीसदी की गई है बढ़ोतरी

वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार पहले आदेश में भारत में निर्मित विदेशी शराब पर अतिरिक्त आबकारी शुल्क में बढ़ोतरी की गई है. इसे 20 फीसदी से बढ़ाकर अब 35 फीसदी कर दिया है. इसमें 15 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है. वहीं बियर की दरों पर लागू अतिरिक्त आबकारी शुल्क को 35 फीसदी से बढ़ाकर 45 प्रतिशत कर दिया गया है. इसमें 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. जबकि दूसरे आदेश में बॉटलिंग फीस में बढ़ोतरी की गई है. इसमें देसी शराब पर 20 रुपए बॉटलिंग फीस में बढ़ोतरी की गई है. राजस्थान में निर्मित शराब पर 50 रुपए बॉटलिंग फीस में बढ़ोतरी की गई है.



कोरोना ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दिया बड़ा झटका
दरअसल कोरोना लॉकडाउन ने राज्य सरकार की अर्थव्यवस्था को जबर्दस्त झटका दिया है. लॉकडाउन के चलते अप्रैल में सरकार की आय में 70 फ़ीसदी की गिरावट आई है. सबसे बड़ा झटका स्टेट जीएसटी को लगा है. इसमें 27 अप्रैल तक सरकार के पास सिर्फ 130 करोड़ रुपए आए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में एसजीएसटी से सरकार को 1000 करोड़ रुपये मिले थे.

पेट्रोल और डीजल पर वैट में दो बार हो चुकी है बढ़ोतरी
आर्थिक संकट से निपटने के लिए गहलोत सरकार मार्च और अप्रैल में पेट्रोल व डीजल पर वैट में दो बार इजाफा कर चुकी है. इसके बाद भी सरकार को इससे अप्रैल में सिर्फ 600 करोड़ रुपए ही मिले हैं. कुल मिलाकर सरकार को अप्रैल में अब तक 1500 करोड़ रुपए मिले हैं. इनमें करीब 503 करोड़ रुपए जीएसटी कंपनसेशन, 130 करोड़ रुपए एसजीएसटी, 700 करोड़ रुपए वैट और इनके अलावा एक्साइज पेट्रोलियम विपणन के बकाया बिलों से आए हैं. सरकार ने बजट में अप्रैल में करीब 8000 करोड़ रुपए के राजस्व को अर्जित करने का लक्ष्य रखा था.

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