Home /News /rajasthan /

राजस्थान की 247 कृषि मंडियों में हड़ताल, कृषक कल्याण शुल्क के विरोध में उतरे व्यापारी

राजस्थान की 247 कृषि मंडियों में हड़ताल, कृषक कल्याण शुल्क के विरोध में उतरे व्यापारी

जयपुर स्थित कुकरखेड़ा मंडी.

जयपुर स्थित कुकरखेड़ा मंडी.

राजस्थान में कृषि जिंसों पर 2 प्रतिशत कृषक कल्याण शुल्क (Farmer welfare fee) लगाने का पुरजोर विरोध शुरू हो गया है. राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ने कृषि उपज मंडियों को विरोध स्वरूप आगामी 5 दिन तक बंद रखने का ऐलान कर दिया है.

जयपुर. राजस्थान में कृषि जिंसों पर 2 प्रतिशत कृषक कल्याण शुल्क (Farmer welfare fee) लगाने का पुरजोर विरोध शुरू हो गया है. राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ने बुधवार को प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों को विरोध स्वरूप आगामी 5 दिन तक बंद रखने का ऐलान कर दिया है. हड़ताल (strike) के चलते प्रदेश की सभी 247 कृषि उपज मंडी समितियों में व्यापार ठप हो गया है.

सरकार व्यापार में बाधाएं खड़ी कर रही

संगठन के प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने चेतावनी दी है कि 5 दिन के बाद भी सरकार का रुख यदि सकारात्मक नहीं रहता है तो मंडियां अनिश्चिकाल के लिए बंद की जा सकती हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट काल में हम सरकार की मदद करना चाहते हैं और इसीलिए मंडियों को शुरू करने का निर्णय लिया गया था. लेकिन सरकार व्यापार में बाधाएं खड़ी कर रही है और ऐसे हालात में मंडियों को चालू रखना संभव नहीं है.

नया शुल्क लग जाने के बाद परेशानियां और बढ़ जाएंगी

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ने बुधवार को मंडी व्यापारियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की, जिसमें व्यापारियों ने शुल्क का कड़ा विरोध जताते हुए हड़ताल पर जाने का फैसला लिया. कुकरखेड़ा मंडी के अध्यक्ष रामचरण का कहना है कि मंडी में व्यापार करना आसान काम नहीं रह गया है. नया शुल्क लग जाने के बाद परेशानियां और बढ़ जाएंगी. सीमावर्ती जिलों के किसान अपनी उपज बेचने के लिए दूसरे प्रदेश में ले जाएंगे. इसके साथ ही प्रदेश की मंडियों में किसानों को उपज का पूरा दाम नहीं मिलेगा.



सरकार टैक्स से भरे कोष

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता का कहना है कि कृषक कल्याण कोष को भरने का बोझ व्यापारियों पर लादना उचित नहीं है, बल्कि सरकार टैक्स से प्राप्त होने वाले राजस्व से कोष में पैसे का बंदोबस्त करे. उन्होंने कहा कि राजस्थान में पहले ही 1.60 प्रतिशत मंडी शुल्क लिया जा रहा है. वहीं चीनी आदि पर दूसरे तरह के शुल्क भी लागू हैं. व्यापारी इन शुल्कों को खत्म करने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं लेकिन सरकार ने अब एक और शुल्क लगाकर कुठाराघात किया है. गुप्ता ने कहा कि पूरे देश में एक समान शुल्क होना चाहिए, ताकि व्यापार निर्बाध हो. उन्होंने यह भी कहा कि भले ही शुल्क व्यापारियों और किसानों से सीधा नहीं वसूल किया जाएगा, लेकिन इससे व्यापार प्रभावित होता है और बाधाएं खड़ी होती हैं.

यह भी पढ़ें-

Rajasthan: गहलोत सरकार ने लगाया 2% कृषक कल्याण शुल्क, विरोध में उतरे व्यापारी

कांस्टेबल से अभद्रता करने वाले पाली ASP रामेश्वरलाल APO, 5 अन्य RPS भी बदले

Tags: Jaipur news, Rajasthan news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर