राजस्थान विधानसभा उपचुनाव: कांग्रेस ऐनवक्त पर घोषित करेगी टिकट ! जानिए क्या है रणनीति

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा का कहना है कि उपचुनाव में जाने के लिए बीजेपी के पास मुद्दे नहीं है. इसके साथ ही विपक्ष में गुटबाजी भी हावी है.

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा का कहना है कि उपचुनाव में जाने के लिए बीजेपी के पास मुद्दे नहीं है. इसके साथ ही विपक्ष में गुटबाजी भी हावी है.

Rajasthan Legislative Assembly by-election: उपचुनावों के लिये कांग्रेस (Congress) पूरी तरह से तैयार है. बताया जा रहा है कि पार्टी रणनीति के तहत अपने प्रत्याशियों की सूची (List of candidates) ऐनवक्त पर ही घोषित करेगी ताकि बगावत से बचा जा सके.

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जयपुर. प्रदेश में तीन सीटों पर उपचुनाव (Assembly by-election) के लिए बिसात बिछ चुकी है. कांग्रेस (Congress) इस रण में पूरी मजबूती के साथ उतरने को तैयार है. 19 मार्च तक विधानसभा का सत्र (Assembly session) चलना है. उसके बाद पार्टी अपनी पूरी ताकत उपचुनाव में झोंकेगी. इससे पहले कांग्रेस अपने प्रभारियों और पर्यवेक्षकों के जरिये उपचुनाव वाले क्षेत्रों में जनता की नब्ज टटोलने में जुटी है.

ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान आखिरी वक्त में ही करेगी. 30 मार्च को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है और कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम 28 या 29 मार्च को घोषित किए जा सकते हैं. इसके पीछे की वजह बगावत को थामने की कांग्रेस की रणनीति बताई जा रही है. पार्टी उपचुनाव में किसान आन्दोलन को भुनाने का प्रयास करेगी.

कांग्रेस का आरोप केन्द्र सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है

पीसीसी चीफ का कहना है कि किसानों के साथ केन्द्र सरकार द्वारा अत्याचार किया जा रहा है. इससे उनके अंदर जो ज्वाला धधक रही है उसमें बीजेपी के सपने राख हो जाएंगे. वहीं कांग्रेस राज्य सरकार के दो साल के विकास कार्यों को लेकर भी जनता के बीच जाएगी. इसके साथ ही कोरोना काल में राज्य सरकार द्वारा किए गए बेहतर प्रबंधन को भी पार्टी चुनाव में मुद्दा बनाएगी.
तारीखों में देरी पर बीजेपी पर हमलावर हुई कांग्रेस

कांग्रेस पहले से ही इन चुनावों के लिए अपनी तैयारियां मुकम्मल करने में जुटी थी. कांग्रेस को पांच राज्यों के चुनावों के साथ ही उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होने की उम्मीद थी. लिहाजा पार्टी पहले से ही इन सीटों पर अपना फोकस किए हुए थी. बजट से पहले ही उपचुनाव वाले क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण सौगातें राज्य सरकार द्वारा दी गई. लेकिन तारीखों में देरी के साथ ही वल्लभनगर सीट पर चुनाव की तारीख तय नहीं करने को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर हो गई है. पार्टी प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि चौथी सीट पर बीजेपी को अभी तक कैंडिडेट नहीं मिला है. इसके चलते इस सीट पर चुनाव करवाने में देरी की जा रही है. डोटासरा ने तो यहां तक कहा कि भविष्य में चुनाव होंगे भी या नहीं इस पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है.

पार्टी को साबित करनी होगी एकजुटता



कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा का कहना है कि उपचुनाव में जाने के लिए बीजेपी के पास मुद्दे नहीं है. इसके साथ ही विपक्ष में गुटबाजी भी हावी है. लेकिन हकीकत ये भी है कि कांग्रेस खुद भी कमोबेश इन्हीं मुश्किलों से जूझ रही है. प्रत्याशियों के टिकट तय करना पार्टी के लिए आसान नहीं होगा. वहीं उपचुनाव से पहले पार्टी को एकजुटता भी साबित करनी होगी. हाल ही में कांग्रेस विधायकों ने एससी-एसटी के साथ भेदभाव के जो आरोप लगाए हैं वे उपचुनाव में कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं.
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