कठुआ और उन्नाव कांड पर राजस्थान में सियासत तेज, अब इच्छामृत्यु की मांग

राजस्थान मुस्लिम परिषद के जयपुर प्रभारी अयूब खान ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की है.

News18 Rajasthan
Updated: April 17, 2018, 3:19 PM IST
कठुआ और उन्नाव कांड पर राजस्थान में सियासत तेज, अब इच्छामृत्यु की मांग
जयपुर कलेक्ट्रेट पर धरना.
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Updated: April 17, 2018, 3:19 PM IST
राजस्थान में कठुआ और उन्नाव गैंगरेप मामलों को लेकर राजस्थान में धरने-प्रदर्शन और ज्ञापन देने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी है. राजधानी जयपुर में ऐसे ही एक प्रदर्शन के दौरान आपराधियों को 30 दिन में फांसी देने की मांग की गई. इसी बीच जयपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान राजस्थान मुस्लिम परिषद के जयपुर प्रभारी अयूब खान ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की है.

राजस्थान मुस्लिम परिषद की ओर से पिछले पिछले सप्ताह से इस मसले पर राजस्थान में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. मंगलवार को इस प्रदर्शन के लिए भी सोशल मीडिया पर लोगों से भारी तादाद में कलेक्ट्रेट पहुंचने की अपील की गई थी.

मासूम बच्चियों के साथ रेप और हत्या जैसे घिनौने अपराध को लेकर देश ही परदेश में लोग चिंचित हैं. जम्मू के कठुआ रेप केस पर तो संयुक्त राष्ट्र भी संज्ञान ले चुका है लेकिन कठुआ और उन्नाव रेप केस पर राजस्थान में राजनीतिक फायदे लेने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं. कांग्रेस और अब कई दूसरी छोटी पार्टियां और संगठन भी इसमें पीछे नहीं रहना चाहते. पिछले चार दिनों से कई जगह धरना और प्रदर्शन जारी हैं.

Kathua Rape, Unnao rape
प्रदेश में हो रही सियासत वसुंधरा सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती है.


रेप, चुनावी साल और सियासत

राजस्थान वही प्रदेश है जहां रेप के 40% मामलों में पीड़िताओं की उम्र 14 साल से भी कम होती है. पिछले 3 सालों में प्रदेश में नाबालिग बच्चियों के साथ 3897 रेप की वारदातें हुईं, हर साल ऐसे रेप के मामलों की संख्या करीब 1300 है और हर रोज प्रदेश में तीन नाबालिग बच्चियां रेप का शिकार हो रही है लेकिन उनके लिए कोई सड़क पर नहीं उतरा और न किसी ने कैंडल मार्च निकाला. लेकिन प्रदेश में इसी साल में विधानसभा चुनाव संभावित हैं और सरकार के खिलाफ विपक्ष और अन्य पार्टियां मोर्चा खोले हुए हैं. ऐसे में पहले दलित समाज का भारत बंद और अब कठुआ और उन्नाव मामलों पर सियायत तेज है.
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