LIVE NOW

Rajasthan News Live Updates: गहलोत सरकार का बड़ा निर्णय, अब कर सकेंगे आतिशबाजी, पटाखों की बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटाया

Rajasthan News, 5 February-2021: प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने कोरोना संक्र्मण की दर में आई गिरावट के बाद अब पटाखों (Firecrackers) के बेचने और आतिशबाजी करने पर लगा प्रतिबंध हटा (Ban removed) दिया है.

Hindi.news18.com | February 5, 2021, 3:54 PM IST
facebook Twitter Linkedin
Last Updated February 5, 2021
1:58 pm (IST)
उदयपुर. जिले की वल्लभनगर विधानसभा सीट के लिये जल्द ही उपचुनाव होंगे. विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन के बाद अब प्रदेश की तीन अन्य सीटों के उपचुनाव के साथ वल्लभनगर विधानसभा के लिए भी उपचुनाव संपन्न कराए जायेंगे. जल्द ही उपचुनाव होने के आसार को देखते हुए दावेदारों ने अपनी दौड़ भाग शुरू कर दी है. बीजेपी में तो एक के बाद एक 5 दावेदार सामने आये हैं और टिकट पर मुहर लगने से पहले प्रचार तक में जुट गये हैं.

 

वल्लभनगर विधानसभा से कांग्रेस के विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन के बाद यह माना जा रहा है कि कांग्रेस उनके परिवार से ही किसी प्रत्याशी को मैदान में उतार सकती है. ऐसे में शक्तावत के निधन के बाद अभी तक कांग्रेस में कोई दावेदार अभी तक सामने नहीं आया हैं. लेकिन माना जा रहा है कि गजेंद्र सिंह शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत कांग्रेस की ओर से प्रबल दावेदार हो सकती हैं. दूसरी ओर शक्तावत परिवार से ही गुलाब सिंह शक्तावत के बड़े पुत्र देवेंद्र सिंह शक्तावत भी टिकट की कतार में बताये जा रहे हैं.

1:18 pm (IST)
जयपुर. राज्य सरकार ने धार्मिक मेलों, उत्सव एवं आयोजनों के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है. राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए 72 घंटे पहले की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी. सरकार की यह गाइडलाइन हरिद्वार में 27 फरवरी से 30 अप्रैल तक आयोजित होने वाले कुंभ के मेले से पहले आयी है. वहीं राज्य में अगले 2 महीने में खाटूश्यामजी, बेणेश्वर धाम के मेले व अजमेर में उर्स होना है. कुंभ मेले के लिए केंद्र और उत्तराखंड सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा.

 

स्वस्थ तीर्थ यात्रियों को अपने राज्य में मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से निर्धारित प्रारूप में स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी देना होगा. हाई रिस्क यानी 65 से ज्यादा उम्र के व्यक्ति, 10 के कम उम्र के बच्चे, गर्भवती, कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों और डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हृदय, किडनी रोग और कैंसर से ग्रसित लोगों को मेलों में नहीं जाने का सुझाव दिया गया है. मेले के लिए आने से पहले श्रद्धालुओं को संबंधित जिला प्रशासन से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा.

12:28 pm (IST)
उदयपुर. मेवाड़ के उदयपुर जिले के गोगुंदा विधानसभा से बीजेपी विधायक प्रतापलाल भील पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगे हैं. एक महिला ने उन पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप लगाए हैं. महिला ने उदयपुर आईजी सत्यवीर सिंह के सामने पेश होकरअपनी शिकायत दर्ज कराई है. उसके बाद इस इस मामले में गोगुंदा थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. लेकिन मामला विधायक से जुड़ा होने के चलते हैं अब प्रदेश मुख्यालय के मार्फत जांच को सीआईडी सीबी को भेजा जाएगा. वहीं विधायक का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है. 


उदयपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. राजीव पचार ने बताया कि पीड़िता मूलतया मध्यप्रदेश के नीमच इलाके की रहने वाली है. उसने बताया है कि करीब 3 साल पहले विधायक प्रतापलाल भील से उसकी मुलाकात एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी. महिला ने बताया कि पहले विधायक ने पहले मेलजोल बढ़ाया. उसके बाद शादी करने का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाये. महिला के अनुसार विधायक प्रताप भील ने उदयपुर के सुखेर स्थित एक फ्लैट में और नीमच में संबंध बनाए थे. पीड़िता का आरोप है कि विधायक अब शादी के वादे से मुकर गया है. इसीलिये वह शिकायत लेकर आईजी के सामने पेश हुई है.


10:58 am (IST)
जयपुर. निकाय चुनाव में इस बार कई रोचक रंग देखने में मिल रहे हैं. कांग्रेस पहली बार नागौर जिले की कुचामन नगरपालिका में हाईब्रिड फॉर्मूले से निकाय प्रमुख बनाने की तैयारी कर रही है. साल 2019 में जब गहलोत सरकार यह नया फॉर्मूला लेकर आई थी तब तत्कालीन पीसीसी चीफ एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इसका विरोध किया था. उस समय हाईब्रिड फॉर्मूले के विरोध में दिया गया सचिन पायलट का बयान काफी सुर्खियों में रहा था. 

 

पायलट ने इसे बैकडोर एंट्री बताते हुए लोकतंत्र के खिलाफ बताया था. लेकिन फिलहाल पायलट राजस्थान में साइडलाइन हैं और पार्टी प्रदेश में पहला निकाय प्रमुख इस फॉर्मूले से बनाने जा रही है. कुचामनसिटी नगरपालिका में कांग्रेस ने बिना पार्षद का चुनाव जीते आसिफ खान नाम के व्यक्ति को निकाय प्रमुख का उम्मीदवार बनाया है. कुचामन सिटी नगरपालिका नावां विधानसभा क्षेत्र के तहत आती है. वहां से उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी विधायक हैं और गहलोत खेमे के हैं.

10:57 am (IST)
जोधपुर. काला हिरण शिकार एवं आर्म्स एक्ट केस में कोर्ट में पेश होने के मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे फिल्म अभिनेता सलमान खान की याचिका पर आज सुनवाई होगी. सलमान कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की बजाय वर्चुअली उपस्थित होना चाहते हैं ताकि वे मुंबई से सीधे कोर्ट में अपनी हाजरी दे सके. इसके लिये उन्होंने गुरुवार को अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका पेश की थी. उस पर आज हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में सुनवाई होगी. 

 

गुरुवार को सलमान खान की ओर से याचिका पेश किये जाने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य और केन्द्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. काला हिरण शिकार एवं आर्म्स एक्ट मामले में सलमान को छह फरवरी को जिला एवं सेशन जिला जोधपुर कोर्ट में उपस्थित होना है. लेकिन सलमान कोर्ट में पेश होने से पहले ही वर्चुअली उपस्थित देने की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंच गये. इस मामले में होईकोर्ट का क्या फैसला आता है इस पर विधि विशेषज्ञ नजर बनाये हुये हैं. क्योंकि इसका फैसला अन्य मामलों में मिसाल बनेगा. 

10:17 am (IST)
जयपुर. दौसा में आज किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है. जिला मुख्यालय पर स्थित राजेश पायलट स्टेडियम में सुबह 11 बजे से होने वाली इस महापंचायत में करीब एक लाख किसानों को एकत्र करने का टारगेट रखा गया है. इस महापंचायत को पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट संबोधित करेंगे. इस महापंचायत को पायलट की राजनीतिक ताकत दिखाने वाला आयोजन माना जा रहा है. 

 

सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट में पिछले साल हुये सियासी घमासान के बाद पायलट का यह पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन है. इसमें पायलट अपनी राजनीतिक ताकत दिखायेंगे. बताया जा रहा है कि इसके बाद भी पूर्वी राजस्थान में इस तरह के बड़े आयोजन किये जायेंगे. इन आयोजनों के जरिये पायलट एक बार फिर प्रदेशभर में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराकर पार्टी में अपने विरोधी खेमे और विपक्षी दल बीजेपी को राजनीतिक मैसेज देंगे. 

7:58 am (IST)
जयपुर. प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के कयासों पर फिलहाल विराम लग गया है. लेकिन ये इंतजार अभी और कितना लम्बा होगा अब इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. स्थितियों को अगर मद्देनजर रखा जाये तो लगता है कि अब जून-जुलाई से पहले मंत्रिमंडल विस्तार मुमकिन नहीं होगा. वहीं कयास ये भी हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार हुआ भी तो पूरे तीस मंत्री नहीं बनाए जाएंगे. इसके पीछे कई कारण और रणनीति बताई जा रही है.

 

राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार के कयास पिछले कई महीनों से लगाए जा रहे हैं।. लेकिन गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन के बयान के बाद फिलहाल इन अटकलों पर विराम लग गया है. माकन ने साफ कर दिया है कि बजट सत्र के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार मुमकिन नहीं है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह इंतजार अभी और कितना लम्बा होगा ? क्या बजट सत्र के बाद नये मंत्री बना दिए जाएंगे या फिर इसके लिए और भी लम्बा इंतजार करना होगा ? कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने हालांकि अभी बजट सत्र का हवाला दिया है लेकिन देश प्रदेश की राजनीतिक स्थितियों पर अगर गौर किया जाये तो ऐसा प्रतीत होता है कि मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए विधायकों को इसके बाद भी कुछ महीने और इंतजार करना पड़ सकता है.

7:16 am (IST)
जयपुर. कोरोना संक्रमण कम होने के बाद प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए पटाखों के बेचने पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है. राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के मद्देनजर 3 नवंबर 2020 को पटाखों के बेचान पर प्रतिबंध लगाया था. अब राज्य सरकार ने पटाखों की बेचान पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है. राज्य के गृह विभाग ने इसके आधिकारिक आदेश जारी कर दिये हैं. 

 

3 नवंबर 2020 को राज्य सरकार ने पटाखे बेचने पर 10000 और पटाखे फोड़ने पर 2000 रुपये जुर्माना तय किया था. सरकार की सख्ती के कारण दीपावली पर भी पटाखों का बेचान और आतिशबाजी नहीं हो सकी थी. हालांकि नव वर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर को कई जगह लोगों ने आतिशबाजी की थी. सरकार ने पटाखे बेचने और आतिशबाजी पर रोक लगाने संबंधी दोनों अधिसूचनाएं वापस ले ली हैं.

LOAD MORE
जयपुर. कोरोना संक्रमण कम होने के बाद प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने बड़ा निर्णय लेते हुए पटाखों (Firecrackers) के बेचने और आतिशबाजी करने पर लगा प्रतिबंध हटा (Ban removed) दिया है. राज्य सरकार ने कोरोना महामारी के मद्देनजर 3 नवंबर 2020 को पटाखों के बेचान पर प्रतिबंध लगाया था. अब राज्य सरकार ने पटाखों की बेचान पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है. राज्य के गृह विभाग ने इसके आधिकारिक आदेश जारी कर दिये हैं.

3 नवंबर 2020 को राज्य सरकार ने पटाखे बेचने पर 10000 और पटाखे फोड़ने पर 2000 रुपये जुर्माना तय किया था. सरकार की सख्ती के कारण दीपावली पर भी पटाखों का बेचान और आतिशबाजी नहीं हो सकी थी. हालांकि नव वर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर को कई जगह लोगों ने आतिशबाजी की थी. सरकार ने पटाखे बेचने और आतिशबाजी पर रोक लगाने संबंधी दोनों अधिसूचनाएं वापस ले ली हैं.

गहलोत सरकार ने सख्ती से लागू किया था
राजस्थान में पटाखों पर बैन लगाने के बाद गहलोत सरकार ने इसे सख्ती से लागू करने का फैसला किया था. इसके तहत 31 दिसंबर तक पटाखा बेचने पर 10 हजार रुपए और आतिशबाजी करने पर 2 का जुर्माना लगाया गया था. सरकार ने इस संबंध में 3 नवंबर को अधिसूचना भी जारी की थी. यह कार्रवाई राजस्थान महामारी अधिनियम-2020 के तहत की गई थी. राज्य सरकार के फैसले से पटाखा कारोबार से जुड़े हजारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया था. पटाखों पर से प्रतिबंध हटाने का मामला करीब महीने पहले राजस्थान हाईकोर्ट भी पहुंच गया था.

प्रतिबंध हटाने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा था
आतिशबाजी व पटाखा बिक्री पर लगी पाबंदी को हटाने को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी. ये याचिका पटाखा व्यवसायियों से जुड़े संघ राजस्थान फायर वर्क्स डीलर एंड मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन ने लगाई थी. यह भी समस्या थी कि जो पटाखे बनकर तैयार हो गए हैं उनका पाबंदी के बाद क्या किया जाये. याचिका में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पटाखों पर पाबंदी हटाकर दो घंटे चलाने की मंजूरी देने का आग्रह किया गया था.

गहलोत ने ट्वीट कर मांगा था जनसहयोग
पटाखों पर रोक के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि पटाखों और आतिशबाजी पर रोक धर्म या त्योहार को देखते हुए नहीं बल्कि लोगों की सेहत को देखते हुए लगाई है.अशोक गहलोत ने ट्वीट किया था कि कोरोना के इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है और इसमें आप सभी का सहयोग चाहिये.

फोटो

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

चिंता के विचार आपकी ख़ुशी को बर्बाद कर सकते हैं। ऐसा न होने दें, क्योंकि इनमें अच्छी चीज़ों को ख़त्म करने की और समझदारी में निराशा का ज़हरीला बीज बोने की क्षमता होती है। ख़ुद को हमेशा अच्छा परिणाम पाने के लिए प्रोत्साहित करें और ख़राब हालात में भी कुछ-न-कुछ अच्छा देखने का गुण विकसित करें। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। भूमि से जुड़ा विवाद लड़ाई में बदल सकता है। मामले को सुलझाने के लिए अपने माता-पिता की मदद लें। उनकी सलाह से काम करें, तो आप निश्चित तौर पर मुश्किल का हल ढूंढने में क़ामयाब रहेंगे। किसी से अचानक हुई रुमानी मुलाक़ात आपका दिन बना देगी। काम के लिए समर्पित पेशेवर लोग रुपये-पैसे और करिअर के मोर्चे पर फ़ायदे में रहेंगे। सफ़र के लिए दिन ज़्यादा अच्छा नहीं है। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है। स्वयंसेवी कार्य या किसी की मदद करना आपकी मानसिक शांति के लिए अच्छे टॉनिक का काम कर सकता है। परेशान? आप पंडित जी से प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज