Home /News /rajasthan /

rajasthan police constable recruitment paper leak 2021 know how sog reach master mind from photo of a shoe cgpg

राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक केस: जानें कैसे जूते की फोटो से मास्टर माइंड तक पहुंची SOG

Rajasthan News: राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एसओजी ने मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है.

Rajasthan News: राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एसओजी ने मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है.

Rajasthan police constable paper leak Case: राजस्थान (Rajasthan News) पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में SOG ने फरार मुख्य आरोपी मोहन को दिल्ली से गिरफ्तार किया. उसकी पत्नी की भी भूमिका संदिग्ध होने पर उसे भी जयपुर से गिरफ्तार किया गया है. मालूम हो कि सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने के बाद एसओजी इस मामले की जांच कर रही थी. इस दौरान कुछ फोटो पर जूते और फर्श नजर आए. पड़ताल के बाद पेपर लीक केस के आरोपियों तक पुलिस पहुंचने में सफल हुई.

अधिक पढ़ें ...

Vishnu Sharma

जयपुर. राजस्थान में रीट पेपर लीक प्रकरण का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि इस साल की सबसे बड़ी पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल रोकने और पेपर लीक होने से रोकने का चैलेंज सामने आ गया. 19 लाख अभ्यर्थियों के आवेदन को देखते हुए राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था. एक दिन में परीक्षा आयोजित करवाने की बजाए चार दिनों तक 8 पारियों में परीक्षा आयोजित करवाई गई. परीक्षा केंद्रों में हर कमरे तक जैमर लगाए गए. मेटल डिटेक्टर से चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले अंतिम प्रवेश दिया गया. तमाम कोशिशों के बावजूद परीक्षा के दूसरे दिन 14 मई को दूसरी पारी का पुलिस भर्ती का पेपर आखिरकार सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लेकिन मुखबिर से मिली सूचना के बाद एसओजी ने महज 2 दिनों में इस गैंग का खुलासा कर दिया. इसके लिए एक गोपनीय ऑपरेशन चलाया. इस पूरी कड़ी में सुराग मिला एक फोटो में नजर आए जूते और फर्श के डिजाइन से यानी स्ट्रांग रूम से पेपर चुराने वाली गैंग के एक सदस्य की छोटी सी गलती ने इस पेपर लीक कांड का खुलासा कर दिया.

पेपर लीक कांड में सबसे अहम बना एक मुखबिर का मैसेज, जो कि राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के इंस्पेक्टर मोहनलाल पोसवाल को मिला था. मुखबिर ने बताया कि सोशल मीडिया पर 14 मई को दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाली दूसरी पारी के प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी के 33 पन्ने Whatsapp पर वायरल हो रहे है. इनमें 7 पेजों पर कुछ प्रश्नों के जवाब बॉल पेन से लिखे हुए हैx, जबकि 26 पेज प्रश्न पत्र के है. इनमें कुछ प्रश्नों पर बॉल पेन से गोले बने हुए है. प्रश्नों के विकल्पों में से एक विकल्प पर सही का निशान लगे हुए है.

एक गलती से खुला गैंग का राज

इस पेपर सीरीज एवं क्रमांक को बॉल पेन से काटकर हटाया हुआ है. इसमें एक पेज संख्या 12 पर जिसमें प्रश्न संख्या 52 से 58 तक अंकित है. इसी पेज पर प्रश्न प्रत्र की आधी अधूरी सीरीज लिखी हुई थी. इन्हीं पेजों की बारीकी से पड़ताल में एक पेज की फोटो प्रिंट में आधा जूते का हिस्सा और जूते के पास ही डिजाइनदार फर्श का पैटर्न नजर आया. इसमें फर्श पर धारियां बनी हुई नजर आ रही थी. बस, इसी फर्श और जूते की तलाश एसओजी ने शुरू कर दी. एसओजी के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय में इस परीक्षा को आयोजित करवाने वाली टीसीएस कंपनी के अधिकारियों से पूछा गया है कि इन नंबरों की सीरीज वाले पेपर कौन से परीक्षा केंद्रों को भेजे गए है. तब चार संभावित परीक्षा केंद्र बताए गए. इनमें एक श्रीगंगानगर और 3 परीक्षा केंद्र जयपुर में होना बताया गया.

इस पर एसओजी के पुलिसकर्मियों की 4 स्पेशल टीमें बनाकर सामान्य चैकिंग के बहाने से इन चार परीक्षा केंद्राें पर भेजी गई. इनमें जयपुर में सीकर रोड, मानसरोवर और श्रीगंगानगर में हुई जांच में प्रश्न पत्र में दिखाई दे रहा फोटो मिलान नहीं हुआ. जब एसओजी की टीम जयपुर के झोटवाड़ा में दीवाकर पब्लिक सैकंडरी स्कूल पहुंची वहां पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर रखने के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम से सटे हुए स्टोर रुम के फर्श पर वही डिजाइन नजर आया जो कि एसओजी को मिले वायरल पेपर में एक फोटो में नजर आ रहा था.

पुलिस ने चेक किए सीसीटीवी फुटेज

एसओजी ने स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज चैक करवाए तो स्ट्रांग रुम का एक दरवाजा स्टोर रूम और दूसरा दरवाजा परीक्षा केंद्राधीक्षक के कमरे की तरफ खुलता है. जांच में पता चला कि 14 मई को सुबह 11 बजे प्रश्न पत्रों को स्ट्रांग रुम में रखवाया गया था. इसके बाद 11 बजकर 46 मिनट से लेकर 12 बजकर 13 मिनट के बीच की अवधि में स्ट्रांग रुम में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए. इसके पहले और बाद में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में परीक्षा केंद्र पर वीक्षक की ड्यूटी देने आया मोहन व कमल कुमावत नाम का कर्मचारी सीढियों के रास्ते से बिजली की पावर सप्लाई तक जाते हुए आते जाते नजर आया. इससे एसओजी ने अंदाजा लगा कि मोहन ने ही इस दरम्यान सीसीटीवी बंद किए थे. यह भी पता चला कि 12 बजकर 13 मिनट पर स्ट्रांग रुम में रखे बक्सों का क्रम बदला गया था. इससे वहां छेड़छाड़ हुई. इसका भी सुराग एसओजी को मिला.

सीसीटीवी बंद होने की अहम कड़ी मिलने के बाद एसओजी टीम ने स्ट्रांग रूम में मौजूद कर्मचारियों की सूची मांगी गई तब पता चला कि मोहन नाम का कर्मचारी 15 मई से गायब है. वह ड्यूटी पर नहीं आया है. उसका मोबाइल फोन भी बंद है. साथ ही, सीसीटीवी फुटेज से यह भी साफ हो गया कि जो आधा जूते का फोटो पेपर पर नजर आ रहा था वह जूता मोहन ने ही 14 मई को ड्यूटी के दौरान पहना हुआ था. परीक्षा केंद्र के सहायक केंद्राधीक्षक और दिवाकर पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर मुकेश शर्मा से पूछताछ में सामने आया कि 2 दिन पहले ही मोहन को वीक्षक की ड्यूटी पर बुलाया गया था. एसओजी ने मोहन के बारे में जानकारी चाही तो स्कूल डायरेक्टर मुकेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने मोहन के कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं लिए थे. ऐसे में एसओजी को संदेह की एक और कड़ी मिल गई.

एसओजी की पड़ताल में सामने आया कि पहली पारी की परीक्षा के वक्त केंद्राधीक्षक शालू शर्मा व सहायक केंद्राधीक्षक मुकेश शर्मा सहित टीसीएस कंपनी के प्रतिनिधि राकेश व विक्रम मौजूद थे. लेकिन दूसरी पारी की परीक्षा में प्रश्न पत्र निकालते वक्त ये लोग वहां मौजूद नहीं थे. जबकि नियमानुसार इन चारों को स्ट्रांग रुम में मौजूद होना चाहिए था. इनकी गैर मौजूदगी में स्ट्रांग रुम से वीक्षक मोहन, कमल, सत्यनारायण व रोशन ने प्रश्न पत्र निकालने का काम किया. वहीं, स्ट्रांग रुम में सुरक्षा प्रभारी एएसआई रतनलाल ने अपनी आंखों के सामने यह होते देखा लेकिन किसी को रोका टोका नहीं. ऐसे में एसओजी ने अपनी जांच में माना कि परीक्षा केंद्र पर मौजूद लोगों ने मिलकर किसी संगठित गिरोह को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए प्रश्न पत्र को स्ट्रांग रुम से चुराने में मिल जुलकर मदद की है. तब एसओजी के इंस्पेक्टर मोहनलाल पोसवाल की तरफ से 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया. इस तरह, नकल गैंग के गुर्गे की एक गलती और छोटे से सुराग ने पेपर चोरी कर वायरल करने की संगीन वारदात का खुलासा कर दिया.

ये भी पढ़ें: पुलिस भर्ती परीक्षा: परीक्षार्थी के पास मिली 142 प्रश्नों की उत्तर कुंजी, 10 लाख में हुआ था सौदा! 

मामले में एसओजी अभी तक स्कूल डायरेक्टर मुकेश शर्मा, उनकी पत्नी शालू शर्मा, एएसआई रतनलाल के अलावा कमल कुमार वर्मा, सत्यनारायण कुमावत, रोशन कुमावत, टीसीएस कंपनी के प्रतिनिधि राकेशसिंह व विक्रम सिंह सहित मोहनलाल के खिलाफ केस दर्ज किया. इसमें मोहनलाल फरार चल रहा है. गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेशकर एसओजी ने 3 दिन के रिमांड पर लिया है जबकि मोहनलाल के घर पर दबिश देकर करीब 8 लाख रुपये बरामद किए है. उसकी तलाश जारी है. अब देखना होगा कि आरोपियों से पूछताछ के बाद एसओजी की जांच कहां तक पहुंचती है.

Tags: Jaipur news, Rajasthan news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर