राजस्थान का सियासी ड्रामा: पूर्व पर्यटन मंत्री बोले सीएम गहलोत हमारे मुखिया, हम जनता के लिए दिल्ली गए थे !
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राजस्थान का सियासी ड्रामा: पूर्व पर्यटन मंत्री बोले सीएम गहलोत हमारे मुखिया, हम जनता के लिए दिल्ली गए थे !
राजस्थान के पूर्व पर्यटन मंत्री ने जयपुर वापसी के बाद बेबाकी से रखी अपनी बात

पायलट (Sachin Pilot ) खेमे की वापसी के बाद राजस्थान के पूर्व पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह (Vishvendra Singh) अफसरशाही पर भी ठीकरा फोड़ते नजर आए, लेकिन उन्होंने बीजेपी (BJP) के संपर्क में होने से साफ़ इंकार करते हुए सीएम गहलोत (CM Ashok Gehlot) कोअपना मुखिया और बुजुर्ग बताया साथ ही जनता के लिए अच्छा काम करने का वादा भी किया.

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जयपुर. मरुधरा का सियासी ड्रामा पटाक्षेप को अग्रसर है. ऐसे में पायलट (Sachin Pilot) खेमे में शामिल राजस्थान के पूर्व पर्यटन मंत्री और राजस्थान कांग्रेस में उपाध्यक्ष विश्वेंद्र सिंह (Vishvendra Singh) दिल्ली और गुरुग्राम में लंबे अर्से बाड़ेबंदी में रहने के बाद जयपुर पहुंचे हैं. जयपुर पहुंचने के बाद News 18 से खास बातचीत में विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी आलाकमान से मुलाकात समेत तमाम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी.

पूर्व पर्यटन मंत्री ने ये भी बताया कि वे क्यों आलाकमान के पास अपनी बात रखने दिल्ली पहुंचे और आलाकमान से क्या बातचीत हुई. इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बावजूद विश्वेंद्र सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री का सम्मान उनके दिलों में आज भी बरकरार है. साथ ही उन्होंने साफ कहा कि कुछ मतभेद थे जो दूर हो गए हैं. हम जनता के लिए अच्छा काम करके दिखाएंगे.

भाजपा की गोदी में खेलने से विश्वेंद्र सिंह का इंकार
विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि ये सत्ता और संगठन में तालमेल का मुद्दा था. हमारी मांग थी कि जनता से किये वायदों को पूरा किया जाए. पानी बिजली के बुनियादी मुद्दे थे, अफसर तालमेल के साथ काम नहीं कर रहे थे. जरूरी काम के क्रियान्वन करने में अफसरों का सहयोग नहीं मिला. कई बार अफसरों के मामले पर ट्वीट भी किया गया था. विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि अब ख़ुशी इस बात की है कि हमारी बात को अच्छे से सुना गया है. प्रियंका गांधी, अहमद पटेल और वेणुगोपाल से बात हुई है. आलाकमान ने दो घंटे तक हमारी बात को तसल्ली से सुना है. अब तीन लोगों की कमेटी बनाकर मसलों का हल निकालने की तैयारी की जा रही है. उम्मीद है जल्दी सारे मसलों का हल निकलेगा. बीजेपी की गोद में खेलने सवाल पर विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि हम बीजेपी की गोद में नहीं खेले हैं. होटल खर्चे से लेकर वकीलों का खर्चा तक हमने खुद किया. आलाकमान को इस बात के सुबूत भी पेश किये हैं. आलाकमान भी इस बात संतुष्ट हैं.
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दुर्भाग्यपूर्ण थी बयानबाजी

विश्वेंद्र ने कहा कि पूरे मामले में हमें बागी कहा गया जो गलत था. हमने कभी भी पार्टी खिलाफ कुछ नहीं कहा. हमें पार्टी से निष्कासित किया गया फिर हम खामोश रहे. हमारे खिलाफ एसओजी में मुकदमा दर्ज हुआ. देशद्रोह तक का मुकदमा दर्ज किया गया. हमें मंत्री पद से भी हटा दिया गया, उसके बाद भी पूरी तरह खामोश रहे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से तालमेल के सवाल पर विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हमारे मुखिया हैं, हमारे बुजुर्ग हैं. बाड़ेबंदी के दौरान जो भी बयानबाजी हुई दुर्भाग्यपूर्ण थी. अब आलाकमान की ओर से ने तीन लोगों की कमेटी बनाई जा रही है. कमेटी निश्चित रूप से फिर से तालमेल बैठा देगी. कोरोना के दौरान बाड़ेबंदी के सवाल पर विश्वेंद्र सिंह बोले कि जनता के ये सवाल वाजिब हैं, लेकिन हम जनता के लिए ही बाड़ेबंदी में गए थे. हमने बाड़ेबंदी में जाकर सबकुछ जनता लिए खो दिया. पार्टी से भी हटाये गए और मंत्री पद से भी हटाये गए, लेकिन अब हाईकमान के मामले को संभालने के बाद हालात सुधरेंगे. जनता ने जिस उम्मीद से हमें जिताया, जनता की उम्मीद पर खरा उतरेंगे. जनता को अब इतना अच्छा काम करके दिखाएंगे कि जिससे दुबारा हम लोग वापस आएं. इस दौरान विश्वेंद्र सिंह ने कृष्ण जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि हम ब्रजवासियों के ये दिन अहम हैं क्योंकि हम ब्रजवासी कृष्ण जी के वंशज हैं. देशवासियों को शुभकामनाएं और आज के दिन हम ये कामना करते हैं कि जल्दी से जल्दी कोरोना महामारी खत्म हो.
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