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Rajasthan Poolitics: विभागों के बंटवारे में पायलट कैम्प पर भारी पड़ा गहलोत खेमा, जानिए कैसे?

Rajasthan Poolitics: विभागों के बंटवारे में पायलट कैम्प पर भारी पड़ा गहलोत खेमा, जानिए कैसे?

Rajasthan Cabinet Expansion: मंत्रिमंडल विस्तार से पहले जिन तीन बड़े मंत्रियों से इस्तीफा लिया गया था, उनके विभाग भी गहलोत गुट के मंत्रियों के पास ही हैं.

Rajasthan Cabinet Expansion: मंत्रिमंडल विस्तार से पहले जिन तीन बड़े मंत्रियों से इस्तीफा लिया गया था, उनके विभाग भी गहलोत गुट के मंत्रियों के पास ही हैं.

Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot: राजस्थान में गहलोत मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद मंत्रियों को बांटे गये विभागों को लेकर एक बार फिर से नई बहस छिड़ गई है. राजनीतिक जानकारों के अनुसार मंत्रियों को बांटे गये विभागों का आकलन करने से पता चलता है कि इसमें गहलोत खेमा मजबूत रहा है. सचिन पायलट खेमे के पास आमजन से जुड़े विभाग उनके मुकाबले कम आये हैं.

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जयपुर. गहलोत कैबिनेट का विस्तार होने के बाद 24 घंटे के भीतर मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया गया. विभागों के बंटवारे के बाद अब पॉवरफुल विभागों को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर चल पड़ा है. राजनीतिक विशलेषकों के अनुसार आलाकमान ने भले ही मंत्रिमंडल के विस्तार में दोनों खेमों को बराबर साधने का प्रयास किया हो लेकिन विभागों के बंटवारे के मामले में गहलोत खेमा भारी रहा है. गहलोत खेमे के मंत्रियों के पास सीधे तौर पर आमजन से जुड़े और बड़े बजट वाले विभाग आये हैं. जबकि पायलट खेमे के मंत्रियों को उनके मुकाबले कम महत्व और कम बजट वाले विभाग मिले हैं. वहीं वित्त और गृह विभाग सीएम के पास ही हैं.

मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के खास बिन्दुओं को देखें तो सामने आता है कि मंत्रिमंडल में सभी 30 मंत्री बनाने के बावजूद 10 विभागों के मंत्री खुद सीएम अशोक गहलोत ही रहेंगे. इनमें गृह और वित्त जैसे अहम् विभाग शामिल हैं. विपक्ष काफी समय से अलग से गृहमंत्री बनाने की मांग कर रहा था, लेकिन गहलोत ने उसे अपने पास ही रखा है. कैबिनेट मंत्रियों में डॉ. बीडी कल्ला से आम आदमी से जुड़ा ऊर्जा और जलदाय विभाग छिन गया है, लेकिन उनके पास स्कूल शिक्षा जैसे महकमे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आ गई है.

ये विभाग हैं सीएम गहलोत के पास

1 गृह व न्याय विभाग
2 वित्त विभाग
3 कर विभाग
4 कार्मिक विभाग
5 सामान्य प्रशासन
6 सूचना एंव जनसंपर्क विभाग
7 सूचना तकनीकी एवं जन संचार
8 राजस्थान स्टेट इनवेस्मेंट ब्यूरो
9 एनआरआई
10 कैबिनेट सचिवालय

पायलट गुट के पांच मंत्रियों के पास विभाग

हेमाराम चौधरी- वन मंत्री
रमेश मीणा – पंचायतीराज मंत्री (पायलट डिप्टी सीएम थे तब यह विभाग उनके पास था)
विश्वेंद्र सिंह – पर्यटन मंत्री (यह पहले भी उनके ही पास था)
ब्रजेंद्र ओला – परिवहन राज्य मंत्री
मुरारी मीणा – कृषि विपणन राज्य मंत्री

इस्तीफा देने वाले मंत्रियों के विभाग भी गहलोत खेमे के पास

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले जिन तीन बड़े मंत्रियों से इस्तीफा लिया गया था, उनके विभाग भी गहलोत गुट के मंत्रियों के पास ही हैं. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटसरा का शिक्षा विभाग डॉ. बीडी कल्ला को दिया गया है. चिकित्सा विभाग परसादी लाल मीणा को दिया गया है. यह पहले डॉ. रघु शर्मा के पास था. गुजरात कांग्रेस के प्रभारी बनाये जाने के बाद उन्हें इससे इस्तीफा देना पड़ा था. वहीं राजस्व विभाग रामलाल जाट को दिया गया है. यह पहले हरीश चौधरी के पास था लेकिन पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनाये जाने के बाद उन्हें भी मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

Tags: Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot, Rajasthan Congress, Rajasthan latest news, Rajasthan News Update

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