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6 लाख अभ्यर्थियों के लिये बड़ी खबर, RAS Pre Exam के दिन नहीं चलेंगी राजस्थान रोडवेज की बसें

राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को रोडवेज में फ्री यात्रा की छूट दे रखी है. लेकिन अगर रोडवेज चलेगी ही नहीं तो फिर अभ्यर्थियों को फ्री यात्रा का लाभ मिलेगा कैसे ?

राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को रोडवेज में फ्री यात्रा की छूट दे रखी है. लेकिन अगर रोडवेज चलेगी ही नहीं तो फिर अभ्यर्थियों को फ्री यात्रा का लाभ मिलेगा कैसे ?

Rajasthan Roadways: राजस्थान रोडवेज कर्मचारी आगामी 27 अक्टूबर को हड़ताल पर रहेंगे. रोडवेज के संयुक्त मोर्चे के हड़ताल के नोटिस ने रोडवेज प्रबंधन की नींद उड़ा दी है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है उस दिन होने वाली आरएएस प्री परीक्षा.

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जयपुर. राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) के कर्मचारी आगामी के 27 अक्टूबर को हड़ताल (Strik) पर रहेंगे. इससे 27 अक्टूबर को राजस्थानभर में रोडवेज बसों के पहिये थमे रहेंगे. रोडवेज के संयुक्त मोर्चे के हड़ताल के इस नोटिस ने रोडवेज प्रबंधन की नींद उड़ा दी है. ऐसा पहली बार नहीं है कि रोडवेज में हड़ताल होने जा रही है, लेकिन इस बार हर तरफ रोडवेजकर्मियों की हड़ताल की ही चर्चा हो रही है. इस बार रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल इसलिए खास हो गई है क्योंकि जिस दिन रोडवेज बसों का चक्काजाम होगा उसी दिन राजस्थान में राजस्थान प्रशासनिक सेवा की प्री परीक्षा (RAS Pre Exam-2021) है. इस परीक्षा में करीब साढ़े 6 लाख अभ्यर्थी बैठेंगे.

ऐसे में बिना रोडवेज बसों के इन अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना मुमकिन नहीं लग रहा है. दूसरी तरफ राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को रोडवेज में फ्री यात्रा की छूट दे रखी है. लेकिन अगर रोडवेज चलेगी ही नहीं तो फिर अभ्यर्थियों को फ्री यात्रा का लाभ मिलेगा कैसे ? बस यहीं वजह है कि इस बार रोडवेजकर्मियों की हड़ताल पर सबकी नजर है.

अचानक नहीं लिया फैसला
संयुक्त मोर्चे के घटक राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाइज यूनियन के अध्य्क्ष एमएल यादव का कहना है कि उन्होंने हड़ताल का फैसला अचानक नहीं लिया है. करीब ढ़ाई माह पहले ही संयुक्त मोर्चे ने हड़ताल की तारीख का ऐलान कर दिया था. उसके बाद से लगातार सरकार और रोडवेज प्रबंधन का ध्यानाकर्षण करने के लिए चरणबद्व तरीके से आंदोलन कर रहे हैं. लेकिन हमारी 11 सूत्री मांगों में से केवल 1 मांग को पूरा किया गया है. ऐसे में हम हमारे निर्णय से पीछे नहीं हटेंगे.

नई नहीं है रोडवेजकर्मियों की मांगें
रोडवेजकर्मियों की यह मांगें नई नहीं हैं. अधिकतर मांगे रोडवेजकर्मियों की पिछली सरकार के समय से चली आ रही है. रोडवेजकर्मियों का कहना है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार रोडवेजकर्मियों से वादा करके सत्ता में आई थी. सरकार को बने 33 माह का समय बीत चुका है. लेकिन मांगे जस की तस बनी हुई है.

ये हैं रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
– सेवानिवृत कर्मचारियों का बकाया भुगतान एक मुश्त हो.
– रोडवेज में 7वां वेतन आयोग लागू किया जाए.
– रोडवेज के बेड़े के लिए 1500 नई बसों की खरीद की जाए.
– रोडवेज के 9 हज़ार खाली पदों पर भर्ती की जाए.
– अराष्ट्रीयकृत मार्गों को पुन: राष्ट्रीयकृत किया जाए.
– पिछली सरकार के समय बने बस अड्डा प्राधिकरण को रद्द किया जाए.
– रोडवेज के बस स्टैण्ड के बाहर से अवैध बसों का संचालन बंद हो.

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