राजस्थान रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी ई-बसें

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बस. (प्रतिकात्मक तस्वीर)
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बस. (प्रतिकात्मक तस्वीर)

दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख अख्तियार करने के बाद अब राजस्थान रोडवेज को भी इस क्षेत्र के लिए अपने बेड़े में बदलाव करना पड़ेगा. इन क्षेत्रों के लिए बेडे़ मेें ई-बसों को शामिल करना होगा.

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दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. आने वाले समय मेें दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में केवल ई-बसें संचालित होंगी. इसके बाद अब राजस्थान रोडवेज को भी दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र से गुरजने वाली अपनी रोडवेज बसों को बदलना होगा. फिलहाल इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है.

मंगलवार को दिल्ली में एनवायरमेंट पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी (EPCA) की बैठक हुई. बैठक में राजस्थान रोडवेज के अधिकारी भी शामिल हुए. बैठक में रोडवेज अधिकारियों से इसको लेकर प्लान मांग लिया गया है. बैठक के बाद रोडवेज ने भी इस मुद्दे पर काम करना शुरू कर दिया है.

रोडवेज के कार्यकारी निदेशक रवि सोनी (यांत्रिक) का कहना है कि रोडवेज सबसे पहले एनसीआर क्षेत्र में आने वाले भरतपुर व अलवर डिपो से इसकी शुरुआत करेगा. पहले थ्री बाय टू श्रेणी की बसें ई-बसों में परिवर्तित की जाएंगी. उसके बाद धीरे-धीरे सुपर लग्जरी बसों के बेड़े में ई-बसों को शामिल किया जाएगा.



हालांकि रोडवेज के लिए यह इतना आसान नहीं होगा. क्योंकि रोडवेज फिलहाल खराब माली हालत से गुजर रही है. ऐसे में रोडवेज के लिए इस तरह का नया खर्चा करना किसी चुनौती से कम नहीं है. अव्वल तो ई-बसें साधारण बसों की तुलना में महंगी आती है. दूसरे इसके  लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर भी करना डवलप करना होगा. इन बसों में यात्री किराया भी ज्यादा होगा.
 
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