राजस्थान: रोडवेज के 4000 रिटायर्ड कर्मचारी आज से आंदोलन की राह पर, 56 महीनों से अटका 500 करोड़ का भुगतान

रोडवेज मे हर माह रिटायर होने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ती जा रही है.

रोडवेज मे हर माह रिटायर होने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ती जा रही है.

Rajasthan Roadways: करीब 56 महीनों से अपने हक के पैसे के लिये दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे राजस्थान रोडवेज के चार हजार रिटायर्ड कर्मचारी आज से फिर आंदोलन की राह चल पड़े हैं. इन कर्मचारियों का करीब 500 करोड़ रुपए बकाया हो गया है.

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जयपुर. रोडवेज के सेवानिवृत कर्मचारी पिछले 56 माह से अपने ही हक के पैसों के लिए तरस रहे हैं. अगस्त 2016 से रिटायर होते जा रहे करीब 4 हजार कर्मचारियों को रोडवेज ने अभी तक भुगतान नहीं किया है. ये कर्मचारी कई बरसों से अपने भुगतान के लिए आंदोलनरत हैं. सोमवार से इन कर्मचारियों का प्रदेशस्तरीय धरना जयपुर में शुरू हो गया है. शहीद स्मारक पर ये कर्मचारी लगातार पांच दिन आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन के बैनर तले धरना देने वाले हैं.

रोडवेज के इन सेवानिवृत कार्मिकों में चतुर्थ श्रेणी से लेकर अधिकारी स्तर के कार्मिक शामिल हैं. इन सभी को इनके रिटायरमेंट के समय मिलने वाले परिलाभों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है. इन कार्मिकों को सेवानिवृति के समय ग्रेच्युटी, उपार्जित अवकाश, पांचवें और छठवें वेतन आयोग के एरियर की एक मुश्त राशि मिलती है.

यह भुगतान भी 56 महीने से अटका

वहीं चालक-परिचालक को इसके अलावा नौकरी के दौरान किए गए ओवरटाइम, पब्लिक हालि-डे और साप्ताहिक अवकाश के दौरान किए गए काम का भी भुगतान होता है. लेकिन यह भुगतान भी इन कर्मचारियों को पिछले 56 माह से नहीं हुआ है. रोडवेज मे हर माह रिटायर होने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ती जाती है. इस समय करीब 4 हजार कार्मिकों का रोडवेज पर 500 करोड़ से ज्यादा का भुगतान बकाया चल रहा है.
जब तक पूरा भुगतान नहीं, तब तक कोई विश्राम नहीं

आरएसआरटीसी (RSRTC) रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन की प्रदेश कार्य समिति की जयपुर में आयोजित बैठक में 'जब तक पूरा भुगतान नहीं, तब तक कोई विश्राम नहीं' का नारा देते हुए आंदोलन के पूरे कार्यक्रम की घोषणा की गई थी. इसके तहत 17 फरवरी को सभी जिला कलेक्टर्स और उपखण्ड मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए सीएम अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन सौंपे गए. उसके बाद 9 मार्च को जयपुर में प्रदेश स्तरीय रैली निकाली गई.

सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है



एसोसिएशन के महासचिव हरगोविंद शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी जनवरी माह में 18 जनवरी से 22 जनवरी तक जयपुर में प्रदेशस्तरीय धरने दिए गए थे. लेकिन निरंतर आंदोलन कार्यक्रमों के बाद भी सरकार द्वारा इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए.
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