Big News: राजस्थान रोडवेज अपने 492 मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को देगी नौकरी

रोडवेज ने सरकार की तर्ज पर भर्ती की आयु सीमा भी 40 वर्ष कर दी है.

रोडवेज ने सरकार की तर्ज पर भर्ती की आयु सीमा भी 40 वर्ष कर दी है.

राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) ने आज अपनी बोर्ड बैठक में कई बड़े निर्णय लिये हैं. रोडवेज अपने मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को जल्द ही नौकरी (Job) देगी. वहीं मृतक कर्मचारियों की पत्नियों को फ्री यात्रा पास (Free travel pass) भी मुहैया करवायेगी.

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जयपुर. लगातार घाटे से जूझ रही राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) अपने मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देगा. इसके तहत 492 मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दी जायेगी. यही नहीं मृतक कर्मचारी की पत्नी को रोडवेज फ्री यात्रा पास भी उपलब्ध करवायेगा. रोडवेज बोर्ड के इस निर्णय से उन सैंकड़ों प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो लंबे समय से आश्रित कोटे से नौकरी का इंतजार कर रहे थे.

सीएमडी राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में इनकी नौकरी के आड़े आ रही 5 साल की लिमिट को भी हटा दिया गया है. पहले मृतक कर्मचारी की मृत्यु के पांच साल के बीच आवेदन करने पर ही नौकरी मिलती थी. लेकिन अब रोडवेज ने इस बाध्यता को खत्म कर दिया है. इसके साथ ही आज बोर्ड ने कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिये गये. इनमें रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी की मृत्यु हो जाने पर भी उसकी पत्नी अथवा पति फ्री पास की सुविधा मिलती रहेगी.

2010 से पहले थी यही स्थिति

राजस्थान रोडवेज में साल 2010 से पहले यही नियम लागू था. लेकिन 2010 में रोडवेज बोर्ड ने इस नियम को बदल दिया. इसके तहत नौकरी पाने के लिए मृतक आश्रित को कर्मचारी की मृत्यु के 5 साल के भीतर ही आवेदन करना होता था. अगर उसके बाद आवेदन किया जाता तो उसे स्वत: ही खारिज मान लिया जाता था. इसके चलते ऐसे मृतक आश्रित जो कर्मचारी की मृत्यु के 5 साल के भीतर बालिग नहीं हो पाए थे वे नौकरी से वंचित रह जाते थे. लेकिन अब ऐसे सभी मृतक आश्रितों को नौकरी मिल सकेगी.
20 साल बाद मिलेगी नौकरी

सीकर डिपो के चालक कैलाशचंद भार्गव की ऑन ड्यूटी मृत्यु साल 2003 में हो गई थी. उस समय उनकी पत्नी सरोज देवी ने रोडवेज के नियमों के अनुसार स्वयं नौकरी नहीं करके अपने पुत्र के बालिग होने तक नौकरी को सुरक्षित रख लिया था. लेकिन जब उनके पुत्र रजत भार्गव ने बालिग होने पर साल 2017 में रोडवेज में मृतक आश्रित के तौर पर नौकरी के लिए आवेदन किया तो उनका आवेदन खारिज कर दिया गया. लेकिन अब उन्हें उनकी पिता की मृत्यु के 20 साल बाद नौकरी मिल सकेगी.

500 करोड़ के लोन को मंजूरी



आज बोर्ड ने रोडवेज के लिए 500 करोड़ रुपए के लोन लेने को भी मंजूरी दे दी है. इस राशि से रोडवेज करीब 550 ब्लू लाइन बसों की खरीद के साथ रिटायरमेंट कर्मचारियों के भुगतान और वेतन व पेंशन के लिए राशि की व्यवस्था करेगा. गौरतलब है कि कोविड के चलते रोडवेज को सरकारी मदद समय से नहीं मिल पा रही है. ऐसे में कर्मचारियों को वेतन व पेंशन के लिए दो-दो माह का इंतजार करना पड़ रहा है.
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