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राजस्थान के सभी तहसीलों के राजस्व रिकॉर्ड होंगे ऑनलाइन, अगस्त तक पूरा होगा काम

राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनन्द कुमार ने बताया कि चौमू व दूदू तहसीलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्वचालित नामान्तरण का कार्य का प्रारम्भ किया गया था. (फाइल फोटो)
राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनन्द कुमार ने बताया कि चौमू व दूदू तहसीलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्वचालित नामान्तरण का कार्य का प्रारम्भ किया गया था. (फाइल फोटो)

राजस्थान की 339 तहसीलों में से 76 को भी जल्द ही ऑनलाइन करने का काम पूरा होगा. राज्य के मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग (Revenue Department) की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को तेजी से काम पूरा करने के दिए निर्देश.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) की सभी तहसीलों (Tehsils) के राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन (Revenue Record Online) करने की प्रक्रिया अगस्त माह तक पूरी हो जाएगी. राज्य में डिजिटल इण्डिया लैण्ड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) के तहत राज्य की 263 तहसीलों को ऑनलाइन करने का कार्य पूरा हो गया. राज्य की कुल 339 तहसीलों में से शेष बची 76 तहसीलों को भी ऑनलाइन करने का काम शीघ्र पूरा होगा. मुख्य सचिव ने सचिवालय में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये.

मुख़्य सचिव में कहा कि रिकॉर्ड का डिजीटाइजेशन इस तरह किया जाए कि व्यक्ति के नाम से ही उसकी राजस्व सम्पत्तियों का रिकॉर्ड सामने आ जाए. मुख्य सचिव ने तहसीलों में गिरदावरी की ऑनलाइन प्रक्रिया, स्वामित्व योजना के क्रियान्वयन तथा पटवारी-गिरदावरों की ट्रेनिंग के बारे में भी जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तहसीलदारों के लिए ट्रेनिंग कोर्सेज का नियमित रूप से आयोजन किया जाना सुनिश्चित करें. उन्होंने राजस्व मण्डल रजिस्ट्रार से कहा कि वे स्वयं जाकर समय- समय पर पटवार
प्रशिक्षण शालाओं का निरीक्षण करें.

कुल 2 हजार 707 स्वतः नामान्तरण दर्ज 

राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव आनन्द कुमार ने बताया कि चौमू व दूदू तहसीलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्वचालित नामान्तरण का कार्य का प्रारम्भ किया गया था. अब जयपुर जिले की सभी तहसीलों में स्वतः नामान्तरकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि अब तक कुल 2 हजार 707 स्वतः नामान्तरण दर्ज किये गए हैं. मुख्य सचिव ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. बता दें कि देश के सभी राज्यों में राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन किए जा रहे हैं. इससे सरकार को काम करने में आसानी होगी. वहीं, जनता के लिए भी यह कार्य सरल होगा. राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाने से लोग घर बैठे ही अपना काम कर सकते हैं. इसके लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना होगा.
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