राजस्थान: नरेगा में 90 दिन काम पूरा करने वालों को मिलेगी निर्माण श्रमिक कार्ड की सुविधा, जानें इसके फायदे

उन्होंने कहा कि इस काम में सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा सिविल सोसायटी के सदस्यों की मदद भी ली जा सकती है. (फाइल फोटो)
उन्होंने कहा कि इस काम में सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा सिविल सोसायटी के सदस्यों की मदद भी ली जा सकती है. (फाइल फोटो)

बैठक में ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग के एसीएस रोहित कुमार सिंह (Rohit Kumar Singh) ने बताया कि राज्य में वर्ष 2020-21 में नरेगा के तहत कुल 37 करोड़ मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य है.

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जयपुर. नरेगा (NREGA) में 90 दिन काम पूरा करने वाले मजदूरों को निर्माण श्रमिक कार्ड (Labor Card) दिए जाएंगे. निर्माण श्रमिक कार्ड मिलने के बाद नरेगा मजदूरों को भी भवन एवं अन्य संनिर्माण (BOCW) श्रमिकों की तरह की सुविधाएं मिल सकेंगी. इससे अब नरेगा मजदूरों को दुर्घटना बीमा और इलाज सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सुविधा मिल सकेगी. ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने यह फैसला किया है. इस फैसले से करीब 40 लाख नरेगा मजदूरों को इसका फायदा मिलेगा. हालांकि, लाभार्थयों की संख्या 90 दिन का काम करने पर निर्भर करेगी. सीएम ने वीसी के जरिए ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा की.

सीएम गहलोत ने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि राजस्थान में अधिकाधिक नरेगा श्रमिकों को उनकी मांग के अनुसार काम उपलब्ध कराया जाए. किसी भी नरेगा श्रमिक को काम देने और मजदूरी का भुगतान करने में देरी नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत उपलब्ध विधायक कोष के लिए ऐसे दिशा निर्देश जारी किये जाएं कि विधायकों द्वारा प्रस्तावित कामों के लिए जल्द स्वीकृतियां जारी की जा सकें.

नरेगा श्रमिक को प्रपत्र-6 की रसीद देनी होगी
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेगा के तहत श्रमिक द्वारा काम मांगने पर उसे पंचायत स्तर पर निर्धारित प्रपत्र-6 में रसीद दिया जाना सुनिश्चित करें, ताकि आवश्यकतानुसार काम पर लगाया जा सके. पंचायत स्तर पर रोजगार सहायक, ग्राम विकास अधिकारी अथवा सरपंच द्वारा रसीद नहीं देने की स्थिति में खण्ड विकास अधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अथवा जिला कलेक्टर के स्तर पर रसीद दिया जाना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि इस काम में सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा सिविल सोसायटी के सदस्यों की मदद भी ली जा सकती है.
नरेगा के तहत कुल 37 करोड़ मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य 


बैठक में  ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग के एसीएस रोहित कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में वर्ष 2020-21 में नरेगा के तहत कुल 37 करोड़ मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य है, जो देश में सर्वाधिक है. अभी तक 27.12 करोड़ मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं. अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के राजस्थान लौटने के बाद प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 54 लाख मजदूर नरेगा में काम कर रहे थे. साथ ही बैठक में बताया गया कि पंचायत सहायकों के अप्रैल-2020 से नवम्बर-2020 के 8 माह के मानदेय भुगतान के लिए  फंड राज्य वित्त आयोग से पंचायतों के बैंक खातों में ट्रासंफर किा जा चुका है.
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