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खुशखबरी! राजस्थान में पोटाश के अकूत भंडार मिले, देश में पहली बार यहां होगा खनन

Abhishek Aadha | News18 Rajasthan
Updated: November 15, 2019, 5:48 PM IST
खुशखबरी! राजस्थान में पोटाश के अकूत भंडार मिले, देश में पहली बार यहां होगा खनन
पोटाश खनन को लेकर इसी महीने एक एमओयू (MOU) होने जा रहा है. (Getty Images)

अब तक भारत पोटाश (Potash) का शतप्रतिश आयात (Potash Import) करता रहा है लेकिन अब देश में पहली बार इसके अकूत भंडार राजस्थान के बीकानेर और नागौर जिलों में मिले हैं. राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) और निजी कंपनी के बीच पोटाश खनन को लेकर इसी महीने एक एमओयू (MOU) होने जा रहा है.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) क्रूड ऑयल (Crude Oil) के बाद पोटाश (Potash) के अकूत भंडार मिले हैं. अब तक भारत पोटाश का शतप्रतिश आयात (Potash Import) करता है और देश में पहली बार इसके भंडार राजस्थान के बीकानेर और नागौर जिलों में मिले हैं. अब तक करीब 2500 मिलियन टन पोटाश भंडार की खोज की जा चुकी है ओर जल्द ही इसका खनन शुरू होने वाला है. इसी सिलसिल में प्रदेश के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली के बीकानेर हाउस (Bikaner House) में केंद्र सरकार के खनन मंत्रालय, जीएसआई (Geological Survey of India) और निजी कंपनी के साथ बैठक की है. राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) और निजी कंपनी के बीच पोटाश खनन को लेकर इसी महीने एक एमओयू (MOU) होने जा रहा है और अगले 6 महीने में ऑक्शन होने की उम्मीद भी कही जा रही है. बता दें कि क्रूड ऑयल के बाद पोटाश की राजस्थान में खोज से भी प्रदेश को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीदें जताई जा रही हैं.

100% विदेश से आता है पोटाश
राजस्थान में पोटाश खनन के बाद देश को विदेश से आयात कम करना पड़ेगा. फिलहाल देश में पोटाश का शतप्रतिशत विदेश से आयात होता है. एमओयू साइन होने के बाद जल्द ही राजस्थान देश का एक मात्र पोटाश उत्पादक राज्य बनने वाला है.

पोटाश खाद के रूप में किसानों के काम आता है. देश में पहली बार इसका खनन होने जा रहा है. इसके खनन को लेकर केंद्र सरकार, जीएसआई और निजी कंपनियों के साथ बातचीत हुई है. जल्द ही इसके लिए तीन एमओयू किए जाएंगे और खनन प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
डीबी गुप्ता, सीएस, राजस्थान


1974 से पोटाश की खोज कर रहा था जीएसआई
राजस्थान में पोटाश की खोज लंबे समय से की जा रही थी. गंगानगर में जीएसआई ने 1974 में खोज शुरू की थी. अब तक प्रदेश में पोटाश की तलाश में करीब 70 बोरवेल कर खोदे जा चुके हैं. हनुमानगढ़ और बीकानेर के साथ गंगानगर और नागौर में भी पोटाश के भंडार की खोज की गई. फिलहाल बीकानेर और नागौर में पोटाश के भंडारों को चिन्हित कर आगे का काम शुरू किया जा रहा है.

जर्मनी और कनाडा की तर्ज पर होगी माइनिंग
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खान एवं भू विज्ञान विभाग के अतिरिक्त निदेशक (जियोलॉजी) जीएस निर्वाण की माने तो प्रदेश में पोटाश की 'सोल्यूशन माइनिंग' की जाएगी. इसके तहत पोटाश के करीब 200-400 मीटर जमीन के भीतर पोटाश को बोरवेल कर पानी और सोल्यूशन के जरिए घुलनशील बनाया जाएगा और फिर बाहर निकाला जाएगा. निर्वाण के अनुसार ऐसी सोल्यूशन माइनिंग कनाडा और जर्मनी जैसे देशों में भी हो रही है.

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First published: November 15, 2019, 5:29 PM IST
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