Rajasthan Youth Congress: संगठन चुनाव में हैकिंग का साया, प्रदेशाध्यक्ष का परिणाम बदला, पुलिस में FIR

यूथ कांग्रेस के नव निर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष मुकेश भाकर ने सुमित भगासरा पर हैकिंग मामले में निशाना साधा है.
यूथ कांग्रेस के नव निर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष मुकेश भाकर ने सुमित भगासरा पर हैकिंग मामले में निशाना साधा है.

राजस्थान यूथ कांग्रेस (Rajasthan Youth Congress) के प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव में भारी धांधली उजागर हुई है. यूथ कांग्रेस की आंतरिक जांच में प्रदेशाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के चुनाव में हैकिंग (Hacking) का खुलासा हुआ है.

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जयपुर. राजस्थान यूथ कांग्रेस (Rajasthan Youth Congress) के प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव में भारी धांधली उजागर हुई है. यूथ कांग्रेस की आंतरिक जांच में प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के चुनाव में हैकिंग (Hacking) का खुलासा हुआ है. हैकिंग का मामला सामने आने के बाद सुमित भगासरा की जगह मुकेश भाकर को प्रदेशाध्यक्ष पद पर विजेता घोषित किया गया है. चूरू और झुंझुनूं जिलाध्यक्षों के पदों पर हुई वोटिंग में भी हैकिंग हुई थी. उसके बाद दोनों जिलों के जिलाध्यक्ष के भी संशोधित नतीजे घोषित किए गए हैं. हैंकिंग का मामला उजागर होने के बाद अब पूरी चुनाव प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है. यूथ कांग्रेस ने हैकिंग को लेकर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दी है. शिकायत के मुताबिक, हैकिंग करके सुमित भगासरा के पक्ष में वोटों को ट्रांसफर किया गया था. भगासरा ने आरोपों को नकारा है.

चुरू-झुंझुनू जिलाध्यक्ष चुनाव में भी हैकिंग
यूथ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव अब्राहम रॉय मणि और चुनाव प्रभारी अतुल त्यागी ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर करवाने के लिए शिकायत दी है. इसमें प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव और चूरू-झुंझुनू जिलाध्यक्ष चुनाव में हैकिंग करके वोट ट्रांसफर करने की बात लिखी है. शिकायत के मुताबिक, ऑनलाइन वोटिंग के लिए इस्तेमाल किए गए अमेजन सर्वर में हैकर्स ने सेंध लगाई और वोट प्रभावित किए. शिकायत में अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है.

उठ रहे कई सवाल
शिकायत के मुताबिक, 22-23 फरवरी को ऑनलाइन एप से वोटिंग करवाई गई थी. वोटिंग के बाद 3 मार्च को नतीजे घोषित किए गए. इसमें सुमित भगासरा को प्रदेशाध्यक्ष पद पर 22 हजार वोट से विजेता बताया गया था. हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी. नतीजे घोषित करने के बाद धांधली की शिकायतें मिलनी शुरू हुईं. उन शिकायतों के बाद जांच कमेटी ने 29 मार्च को जांच शुरू की. आंतरिक चुनाव ऑडिट टीम ने पोलिंग वाले दिन का ऑफलाइन डेटा खंगाला. इसमें फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद भी ली गई. चुनाव ऑडिट में हैकिंग की बात साबित हुई है. कांग्रेस ईवीएम को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाती रहती थी, लेकिन अब उसके ही अग्रिम संगठन के आंतरिक चुनावों में हैकिंग की बात सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं.




आपस में ही आरोप-प्रत्‍यारोप
यूथ कांग्रेस के नवनिर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष मुकेश भाकर ने सुमित भगासरा पर हैकिंग मामले में निशाना साधा है. भाकर ने कहा कि हैकिंग करके गड़बड़ी की गई थी. मैंने चुनाव के समय ही इसकी शिकायत की थी. चुनाव कमेटी ने भी इसे सही माना है. इसे लेकर एफआईआर दी गई है. हैक किए गए वोटों को हटाकर मुझे विजेता घोषित किया गया है.

'राहुल गांधी के सपनों को रौंदा'
वहीं सुमित भगासरा ने कहा राहुल गांधी संगठन में आंतरिक लोकतंत्र की स्थापना का विचार लेकर आए, लेकिन यूथ कांग्रेस ने संदेहास्पद चुनाव परिणाम जारी कर राहुल गांधी के सपनों और विचारों को रौंदने का काम किया है. यह परिणाम लाखों कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है. सबसे दुखद है राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी ने फोन नहीं उठाया. प्रदेश के लाखों कार्यकर्ताओं के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ अंत तक लडूंगा. चाहे इसके लिए कोई भी रास्ता अपनाना पड़े, क्योंकि इस परिणाम ने मेरे और मेरे लाखों साथियों के संघर्ष का अपमान किया है. राष्ट्रीय पदाधिकारियों का फोन नहीं उठाना संदेह पैदा करता है.

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