राजस्थान में नया बिल्डिंग बायलॉज लागू, अब छोटे भूखंड पर भी बन सकेंगे सिनेमाघर

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने रीयल एस्टेट क्षेत्र में निवेश को आसान बनाने के लिहाज से अधिकारियों के साथ मिलकर इन नए बायलॉज को तैयार करवाया. (फाइल फोटो)

यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने रीयल एस्टेट क्षेत्र में निवेश को आसान बनाने के लिहाज से अधिकारियों के साथ मिलकर इन नए बायलॉज को तैयार करवाया. (फाइल फोटो)

राजस्थान में नए बिल्डिंग बायलॉज को लागू कर दिया गया है. इसके लागू होने के बाद शहरों में निर्माण करने को लेकर कई नियमों को बदलकर आसान बनाया गया है.

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  • Last Updated: January 8, 2021, 12:03 AM IST
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जयपुर. लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राजस्थान सरकार (Rajasthan government) ने जयपुर (Jaipur) में नए बिल्डिंग बायलॉज (building bylaws) लागू कर दिए हैं. इस बायलॉज की खास बात यह है कि वर्तमान परिस्थियों और कोरोना काल के मद्देनजर अपने घर की अहमियत को नजर में रखते हुए नए नियमों को लागू किया गया है. इस नियम के बाद 2500 वर्ग मीटर तक के भूखण्डों पर डीम्ड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम लागू हो जाएगा. 20000 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र और 18 मीटर ऊंचाई तक निर्माण पर ही डीम्ड अप्रूवल सिस्टम लागू होगा. साथ ही निर्माणकर्ता पंजीकृत आर्किटेक्ट से नक्शे निकाय में प्रस्तुत कर मौके पर निर्माण शुरू कर सकेंगे. इसके साथ ही छोटे सिनेमाघर या मिनीप्लेक्स न्यूनतम 450 वर्ग मीटर के बजाय 400 वर्ग मीटर के भूखंडों पर बन सकेंगे. इन मिनीप्लेक्स में प्रवेश द्वार और एक निकास द्वार के अलावा सिनेमाटोग्राफी एक्ट के तहत एक आपातकालीन द्वार भी रखना होगा.

यूडीएच (UDH) मंत्री शांति धारीवाल (Shanti Dhariwal) ने प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश को आसान बनाने के लिहाज से इन नए बायलॉज को तैयार करने के लिए जेडीए और यूडीएच के अधिकारियों के साथ गहन मंथन किया. कई दौर की बैठकों के बाद इन बायलॉज को फाइनल किया गया. शहर की वर्टिकल ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए छोटे भूखंडों पर अधिक निर्माण को इन नए बायलॉज में प्रोत्साहित किया गया है.

नए बायलॉज के 15 खास प्रावधान
2500 वर्ग मीटर तक के भूखण्डों पर डीम्ड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम लागू होगा
20000 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र और 18 मीटर ऊंचाई तक निर्माण पर ही डीम्ड अप्रूवल सिस्टम लागू होगा
निर्माणकर्ता पंजीकृत आर्किटेक्ट से नक्शे निकाय में प्रस्तुत कर मौके पर निर्माण शुरू कर सकेंगे. इसके लिए संबंधित निकाय की औपचारिक स्वीकृति की जरूरत नहीं होगी
अब 250 के बजाय 500 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर निर्माण के लिए निकाय के मानचित्र अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी
ऐसे प्रकरणों में साइट प्लान, मालिकाना हक के दस्तावेज और निर्धारित शुल्क निकायों में जमा कराना होगा
निरोगी राजस्थान अभियान के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी संस्थाएं अब 2 बिल्डिंग एरिया रेशों के बजाय तीन बिल्डिंग एरिया रेशियो तक कर सकेंगी अधिक निर्माण
इन भवनों में पार्किंग एरिया 175 ईसीयू की बजाए 115 ईसीयू प्रति कार रखना होगा
500 वर्ग मीटर से अधिक लेकिन 750 वर्ग मीटर से कम आकार के भूखंडों पर अब 8 की बजाय 12 बहुल आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा सकेगा
बहुमंजिला आवासीय इकाइयां उन्हीं भूखंडों पर बन सकेंगी जो किसी स्वीकृत आवासीय योजना का भाग होंगे
भवन की कुर्सी तल की ऊंचाई अथवा स्टिल्ट की ऊंचाई भवन के लिए दी जाने वाली कुल ऊंचाई की गणना में शामिल नहीं होगी
9 मीटर चौड़ी सडक़ पर 225 वर्ग मीटर से लेकर 750 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर 12 मीटर के बजाय 15 मीटर तक ऊंचाई के भवन बन सकेंगे
12 मीटर चौड़ी सडक़ पर 750 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों पर 18 मीटर ऊंचाई तक भवन बन सकेंगे
विवाह स्थलों के 5000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों के कुल क्षेत्रफल के 50 प्रातिशत क्षेत्रफल पार्किंग के लिए आरक्षित होगा. इससे बड़े भूखंडों के मामले में 5000 वर्ग मीटर से अतिरिक्त क्षेत्रफल का 35%पार्किंग के लिए आरक्षित रखना होगा
बहुमंजिला होटलों में कुल आच्छादन क्षेत्र के बजाय कुल बिल्ड एरिया रेशियो के 10त% तक का व्यावसायिक उपयोग किया जा सकेगा. लेकिन इसके लिए लैंड यूज़ चार्ज देना होगा साथ ही उसके अनुसार पार्किंग क्षेत्र भी आरक्षित रखना होगा
छोटे सिनेमाघर या मिनीप्लेक्स न्यूनतम 450 वर्ग मीटर के बजाय 400 वर्ग मीटर के भूखंडों पर बन सकेंगे. इन मिनीप्लेक्स में प्रवेश द्वार और एक निकास द्वार के अलावा सिनेमाटोग्राफी एक्ट के तहत एक आपातकालीन द्वार भी रखना होगा
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