राज्यसभा उपचुनाव-2019: बदले राजनीतिक हालात में बीजेपी खेल सकती है ये नया दांव

राज्यसभा सांसद के उपचुनाव में कांग्रेस पर्याप्त वोटों के आधार पर अपनी जीत तय मानकर चल रही है, लेकिन बदली हुई राजनैतिक परिस्थितियों के बीच बीजेपी भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी में है.

Sudhir sharma | News18 Rajasthan
Updated: August 8, 2019, 1:00 PM IST
राज्यसभा उपचुनाव-2019: बदले राजनीतिक हालात में बीजेपी खेल सकती है ये नया दांव
राजस्थान में बीजेपी संगठन। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Sudhir sharma | News18 Rajasthan
Updated: August 8, 2019, 1:00 PM IST
राज्यसभा सांसद मदनलाल सैनी का 24 जून को निधन होने के कारण रिक्त हुई सीट के उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है. कांग्रेस इस चुनाव में पर्याप्त वोटों के आधार पर अपनी जीत तय मानकर चल रही है, लेकिन बदली हुई राजनैतिक परिस्थितियों के बीच बीजेपी भी अपना प्रत्याशी मैदान में उतारने की तैयारी में है. हालांकि अभी दोनों ही कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां शीर्ष नेतृत्व के आदेश के इंतजार में है. लेकिन बीजेपी इस कोशिश में जुटी है कि किसी भी सूरत में सीट नहीं गंवाई जाएं.

कांग्रेस के पास खुद के 100 सदस्य हैं
गत वर्ष अप्रेल में प्रदेश की राज्यसभा की तीनों सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने निर्विरोध जीत दर्ज कराई थी. उस समय बीजेपी की प्रचंड बहुमत वाली सरकार थी. लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं. गत वर्ष दिसंबर में हुए विधानसभा के चुनावों के बाद सत्ता बीजेपी के हाथ से निकलकर कांग्रेस के पास आ गई है. प्रदेश में सत्तासीन कांग्रेस के पास खुद के 100 सदस्य हैं. वहीं बसपा के छह और राष्ट्रीय लोकदल का एक सदस्य भी सरकार में शामिल है. इसके अलावा 13 निर्दलीय विधायकों में से ज्यादातर कांग्रेस समर्थित हैं. ऐसे में उपचुनावों में कांग्रेस इस सीट अपना कब्जा मानकर चल रही है.

बदली परिस्थितियों में बीजेपी उतार सकती है अपना उम्मीदवार

राज्यसभा चुनाव विशेषज्ञ प्रहलाददास पारीक का मानना है कि वोटों की गणित के हिसाब से तो सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी, लेकिन बीजेपी बदली परिस्थितियों में अपना उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को रोचक बना सकती है. अभी विधानसभा में बीजेपी के 72 सदस्य हैं. वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, बीपीटी और माकपा के 2-2 सदस्य हैं. दो विधायक सांसद निर्वाचित हो गए, लिहाजा वे सीटें अभी खाली हैं.

प्रथम वरीयता के 100 मत मिलने पर जीत तय है
हालांकि उपचुनाव के इस गणित में प्रथम वरीयता के 100 मत मिलने पर जीत तय है. यह चुनाव ओपन वोट से होता है यानि मतदाता को अपनी पार्टी के एजेंट को बैलेट पेपर दिखाना होता है. लेकिन 72 सदस्यों वाली बीजेपी पार्टी भी इस सीट पर दांव खेल सकती है. बीजेपी के वरिष्ठ विधायक कालीचऱण सराफ का कहना है कि उपचुनाव में कोई खड़ा होगा या नहीं. यह पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा. बकौल सराफ जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाने के बाद बदली हुई राजनैतिक परिस्थितियों का पार्टी को फायदा मिल सकता है.
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अप्रेल 2024 तक रहेगा नए सदस्य का कार्यकाल
अभी 14 अगस्त तक नामाकंन दाखिल होने का काम होगा. 16 अगस्त को नामांकन-पत्रों की जांच होगी. 19 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. अगर बीजेपी अपना उम्मीदवार उतारती है तो 26 अगस्त को मतदान होगा. राज्यसभा के उपचुनाव में मतदान होने की तस्वीर तो नामांकन होने पर ही पता चलेगा. जो भी उम्मीदवार इस चुनाव में जीतेगा उसका कार्यकाल अप्रेल 2024 तक रहेगा.

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First published: August 8, 2019, 1:00 PM IST
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