Rajasthan: कांग्रेस को वोट देना माकपा MLA बलवान पूनिया को पड़ा भारी, पार्टी से 1 साल के लिए सस्पेंड
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Rajasthan: कांग्रेस को वोट देना माकपा MLA बलवान पूनिया को पड़ा भारी, पार्टी से 1 साल के लिए सस्पेंड
पार्टी की ओर से बलवान पूनिया को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया है जिसका उन्हें सात दिन में जवाब देना है.

माकपा विधायक बलवान पूनिया को राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) में कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने पर पार्टी की प्राथमिक सदस्‍यता से निलंबित कर दिया गया है.

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जयपुर. माकपा विधायक बलवान पूनिया को राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections) में कांग्रेस के पक्ष में मतदान करना भारी पड़ गया है. पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने कार्रवाई करते हुए विधायक बलवान पूनिया (MLA Balwan Poonia) को 1 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है. पार्टी के राज्य सचिव अमर राम के मुताबिक अनुशासनहीनता (Indiscipline) बरतने के चलते बलवान पूनिया पर यह कार्रवाई की गई है.

विधायक का रुख पार्टी को नागवार गुजरा
हाल ही में 19 जून को 3 सीटों के लिए हुए राज्यसभा चुनाव में बलवान पूनिया ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था. वोट डालने के बाद बलवान पूनिया ने कहा था कि उन्होंने बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी को वोट किया है. विधायक बलवान पूनिया का यह रुख पार्टी को नागवार गुजरा और उन पर सख्ती दिखाते हुए उन्हें एक साल के लिए निलंबित कर दिया है. पार्टी की ओर से बलवान पूनिया को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया है जिसका उन्हें सात दिन में जवाब देना है.

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गिरधारीलाल महिया ने नहीं डाला वोट


उल्लेखनीय है कि विधानसभा में माकपा के दो विधायक हैं. इनमें बलवान पूनिया भादरा से और गिरधारीलाल महिया श्रीडूंगरगढ़ से विधायक हैं. गिरधारीलाल महिया ने इस चुनाव में अपना वोट नहीं डाला था, जबकि बलवान पूनिया अपना वोट डालने पहुंच गए थे. गिरधारीलाल महिया के वोट नहीं डालने आने के सवाल पर बलवान पूनिया ने कहा था कि उनकी तबीयत नासाज है और वो करीब साढ़े तीन बजे आकर अपना वोट डालेंगे. पूरे समय गिरधारीलाल महिया का इंतजार होता रहा लेकिन उन्होंने अपना वोट नहीं डाला. उसी समय ये कयास लगना शुरू हो गए थे कि गिरधारीलाल महिया की बीमारी का बहाना बनाया जा रहा है, जबकि वो पार्टी लाइन का पालन करते हुए वोट डालने नहीं पहुंचे हैं.

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दोनों दलों का विरोध करती है माकपा
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों की नीतियों का विरोध करती रही है. आमतौर पर अपनी पार्टी का प्रत्याशी नहीं होने के चलते माकपा विधायक राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डालते हैं. इस चुनाव में भी पार्टी नेताओं ने इस तरह के संकेत दे दिए थे कि पार्टी किसी भी दल के प्रत्याशी को वोट नहीं करेगी. हालांकि पार्टी ने इसमें थोड़ा असमंजस बना के रखा था. चुनाव से दो दिन पहले राज्य सचिव अमराराम द्वारा एक प्रेस वक्तव्य जारी किया गया था जिसमें उन्होंने बीजेपी की हार की बात कही थी लेकिन पार्टी कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी ऐसा वक्तव्य में उल्लेख नहीं था.
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