राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा- कांग्रेस ने गरीबों की जेब से जिंदा रहने के लिए पैसे लिए हैं

भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यवर्धन राठौर ने वेंटिलेटर किराए पर देने के मामले पर लेकर वीडियो ट्वीट किया है.

भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यवर्धन राठौर ने वेंटिलेटर किराए पर देने के मामले पर लेकर वीडियो ट्वीट किया है.

भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यवर्धन राठौर ने वेंटिलेटर किराए पर देने के मामले पर लेकर वीडियो ट्वीट किया है. उन्होंने वीडियो में राजस्थान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा- वो कह रहे हैं 'फोकट में नहीं दिए, किराए पर दिए है लेकिन सच ये है कि इन्होंने गरीबों की जेब से जिंदा रहने के पैसे लिए हैं.'

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जयपुर. राजस्थान ( Rajasthan ) में पीएम केयर फंड ( PM Care Fund ) द्वारा भेजे गए वेंटिलेटरों को निजी अस्पतालों को किराए पर दिए जाने के मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है. इस पर राजस्थान सरकार के परिवहन मंत्री के प्रताप सिंह खाचरियावास के बयान 'निजी अस्पताल को किराए पर दिए फोकट में तो नहीं दिए' पर भाजपा ने हमला तेज कर दिया. भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यवर्धन राठौड़ ( Rajyavardhan Rathore) ने इसको लेकर वीडियो ट्वीट किया है. उन्होंने वीडियो में राजस्थान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा- 'वो कह रहे हैं फोकट में नहीं दिए, किराए पर दिए हैं, लेकिन सच ये है कि इन्होंने गरीबों की जेब से जिंदा रहने के पैसे लिए हैं.'

गौरतलब है कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने एक दिन पहले ही गहलोत सरकार पर आरोप लगाया था कि पीएम केयर फंड से आये वेन्टीलेटर्स सरकार ने निजी अस्पतालों को किराए पर दे दिए हैं. उन्होंने कहा था कि भरतपुर के लिए पीएम केयर्स फंड से 40 वेंटिलेटर जिला अस्पताल को भेजे गए थे, इसे काम में लेने के बजाय वहां के प्रशासन ने यह वेंटीलेटर 2000 रुपये रोजाना के किराए पर निजी अस्पतालों को दे दिए. अब आम जनता से निजी अस्पताल रोजाना एक वेंटीलेटर का 35 से 40000 रुपये वसूल रहे हैं.

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का ट्वीट.

इसके बाद राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा आरोप लगा रही कि निजी अस्पतालों को किराये पर वेंटिलेटर दे दिए. किराए पर दिए हैं, फोकट में तो नहीं दिए. लेकिन इस बयान के बाद भाजपा के प्रवक्ता और सांसद राज्य वर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि प्रधानमंत्री केयर फंड से राजस्थान के हर जिले में भिजवाए गए थे. ये वेंटिलेटर गरीब मरीज की जान बचाने के काम में आने थे. लेकिन राजस्थान सरकार की बेरहमी देखिए, भरतपुर में जो दस वैंटिलेटर भेजे गए, वो भरतपुर के अस्पताल रायबहादुर अस्पताल में इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं. लेकिन राजस्थान सरकार ने उन्हें एक निजी अस्पताल को 2000 रुपए प्रतिदिन की दर से किराए पर दे दिया है.
राज्यवर्धन राठौर ने कहा कि कोरोना आपदा के समय राजनीति करना अच्छी बात नहीं है पर राजस्थान में कोरोना मरीजों को लूटा जा रहा है. राजस्थान में पीएम केयर्स फंड से आए वेंटिलेटर का गलत उपयोग हो रहा है. ये वेंटीलेटर या तो डिब्बों में बंद पड़े हैं या निजी अस्पतालों में पहुंच गए हैं, जहां उनके इस्तेमाल के लिए आपको लाखों रुपये चुकाने होंगे. राजस्थान में पीएम केयर्स फंड से आए सरकारी वेंटिलेटर को क्या निजी अस्पताल को किराये पर देना सही है ? और अगर नहीं तो जगाइए राजस्थान सरकार को.

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