जयपुर के पूर्व राजघराने ने किया भगवान श्रीराम के वशंज होने का दावा, कहा- पोथीखाने में हैं दस्तावेज

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मसले पर चल रही सुनवाई के बीच जयपुर के पूर्व राजघराने की ओर से श्रीराम के वंशज होने का दावा किया गया है.

News18 Rajasthan
Updated: August 11, 2019, 3:42 PM IST
जयपुर के पूर्व राजघराने ने किया भगवान श्रीराम के वशंज होने का दावा, कहा- पोथीखाने में हैं दस्तावेज
दीया कुमारी ने भगवान राम का वंशज होने का दावा किया है। फोटो एफबी।
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Updated: August 11, 2019, 3:42 PM IST
सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर के मसले पर चल रही सुनवाई के बीच जयपुर के पूर्व राजघराने की ओर से श्रीराम का वंशज होने का दावा किया गया है. पूर्व राजघराने की सदस्य और राजसमंद से बीजेपी की सांसद दीया कुमारी ने कहा कि वे भगवान राम के वंशज हैं. उन्होंने पोथीखाना में उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इसका दावा किया है.

वंशावली और दस्तावेज पोथीखाने में मौजूद हैं
दीया कुमारी ने कहा कि सु्प्रीम कोर्ट में सवाल उठा था कि क्या कोई श्रीराम के वशंज हैं या नहीं. इस पर उन्होंने ट्वीट किया है. बकौल दीया कुमारी हमारा परिवार भी श्रीराम से जुड़ा है. हमारे अलावा भी बहुत सारे हैं जो श्रीराम के वशंज हैं. इस दावे के आधार के बारे में दीया कुमारी ने बताया कि इसकी वंशावली और दस्तावेज पोथीखाने में मौजूद हैं. दावे के आधार के तौर पर कोर्ट में प्रमाण उपलब्ध कराने पर दीया कुमारी का कहना है कि सवाई जयसिंह के समय एक मैप था, उसे 1992 में पेश किया गया था. उसके अलावा अभी तक उनसे कुछ नहीं मांगा गया है और दिया भी नहीं गया है.

दीया कुमारी का ट्वीट


9 दस्तावेज और 2 नक्शे हैं प्रमाण
जयपुर के पूर्व राजपरिवार का दावा है कि उनके भगवान श्रीराम के वंशज होने के पर्याप्त सबूत सिटी पैलेस के पोथीखाने में मौजूद हैं. पोथीखाने में मौजूद 9 दस्तावेज और 2 नक्शे ये साबित करते हैं कि अयोध्या के जयसिंहपुरा और राम जन्म स्थान जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय के अधीन थे. सन् 1776 के एक हुक्म में लिखा है कि जयसिंहपुरा की भूमि कच्छवाहा वंश के अधिकार क्षेत्र में थी.

वंशावली भी सार्वजनिक की है
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इतिहासकारों के हवाले से जयपुर राजपरिवार ने दावा किया है कि औरंगजेब की मृत्यु के बाद सवाई जयसिंह द्वितीय ने हिन्दू धार्मिक इलाकों में जमीनें खरीदी थीं और 1717 से 1725 में अयोध्या में राम जन्म स्थान मंदिर बनवाया था. वहीं पूर्व राजपरिवार ने पोथीखाने में रखी एक वंशावली भी सार्वजनिक की है. इसमें भगवान श्रीराम को कुशवाहा वंश का 63वां वंशज दर्शाया गया है. वहीं भगवान श्रीराम के जिन पुत्र कुश के नाम से कुशवाहा वंश का नाम विख्यात हुआ है वे वंशावली में 64वीं पीढ़ी के रूप में दर्शाए गए हैं. इसी वंशावली में सवाई जयसिंह को 289वें और भवानी सिंह को 307वें वंशज के रूप में दिखाया गया है.

Map -पोथीखाने में रखा नक्शा।
पोथीखाने में रखा नक्शा। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।


आगे होकर इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे
दीया कुमारी के अनुसार, दस्तावेज देने से कार्रवाई जल्दी होती है और मंदिर जल्दी बनता है वे देंगे. लेकिन, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है. अगर जरूरत नहीं पड़ी तो हम आगे आकर इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे. बीजेपी सांसद ने कहा कि राम मंदिर जल्द से जल्द बनना चाहिए.

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(रिपोर्ट: दीपक व्यास एवं दिनेश शर्मा)
First published: August 11, 2019, 2:34 PM IST
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