रणदीप सुरजेवाला बोले- कृषि से जुड़े तीनों कानूनों को लाकर केंद्र ने हरित क्रांति को हराने वाला काम किया

मीडिया को संबोधित करते  कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला.
मीडिया को संबोधित करते कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला.

रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने कहा कि देश में हरित क्रांति के 3 बड़े आधार थे. 23 फसलों को अनिवार्य रूप से खरीदने की व्यवस्था, इन 23 फसलों का एमएसपी तय करना और तीसरा है राशन.

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जयपुर. तीन केंद्रीय कृषि विधेयकों (Agricultural bills) के खिलाफ कांग्रेस लगातार केंद्र पर हमलवार है. कांग्रेस ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने कहा कि कृषि से जुड़े तीनों कानूनों लाकर बीजेपी ने हरित क्रांति को हराने वाला फैसला किया है. किसानों को हराने वाले 3 काले कानून पास किए हैं. किसान और मजदूरों के भविष्य को रौंद कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने किसान, खेती और मजदूरों की बर्बादी लिख दी है. सुरजेवाला ने कहा कि 62 करोड़ किसान इस काले कानून के खिलाफ विरोध जता रहे हैं. मोदीजी किसानों की बात को सुनना तो दूर संसद में उनके प्रतिनिधियों को बात तक नहीं रखने दी गई. देश में कोरोना, सीमा पर चीन और किसानों (Farmers) पर मोदीजी ने हमला बोल रखा है. सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आज तत्तकालीन गुजरात के सीएम मोदी की बात क्यों नहीं मान रहे हैं.

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री रहते किसानों से जुड़ी रिपोर्ट में कहा था कि कानून के अंदर एमएसपी की शर्त लिखना अनिवार्य होना चाहिए. ऐसे में मोदीजी आज मोदी की बात क्यों नहीं मान रहे हैं. सुरजेवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते मोदी ने खुद लिखा था कि एमएसपी का कानून में जिक्र अनिवार्य हो, लेकिन अब तीनों कानूनों में  एमएसपी का जिक्र ही नहीं है. काश मोदीजी हल पकड़कर कभी खेती करते तो इसके बारे में पता होता. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देश का पीएम और कृषि मंत्री ने कभी खेती नहीं की और वे हमें खेती समझा रहे हैं.

हरित क्रांति के तीन आधार थे, तीनों को तीन विधयेकों से खत्म कर दिया
सुरजेवाला ने कहा कि देश में हरित क्रांति के 3 बड़े आधार थे. 23 फसलों को अनिवार्य रूप से खरीदने की व्यवस्था, इन 23 फसलों का एमएसपी तय करना और तीसरा है राशन. सुरजेवाला की माने तो पीएम मोदी ने अकेले खेत खलिहान ही नहीं, बल्कि गरीब के राशन पर भी हमला बोला है. अगर मंडी व्यवस्था नष्ट हो जाएगी तो कृषि उपज खरीद व्यवस्था भी नष्ट हो जाएगी. मंडी नष्ट हो जाने के बाद कृषि उपज को एमएसपी पर कौन खरीदेगा, क्या एफसीआई 15.50 करोड़ किसान के खेत में जाकर खरीद कर लेगा. फिर किसान से एमएसपी पर खरीद कौन करेगा. इन तीनों काले कानूनों में एमएसपी का कहीं जिक्र नहीं है. यदि सरकार इसका जिक्र कर दे तो किसान आंदोलन वापस ले लेंगे.
सुरजेवाला ने कहा कि हम मोदीजी आपको चुनौती देते हैं कि आप तीनों कानूनों में एमएसपी का जिक्र अनिवार्य  क्यों नहीं करते, क्योंकि चंद पूंजीपतियों को फायदा देना चाहते हैं. देश में छोटा किसान बाहर जाकर फसल कैसे बेच पाएगा. दूसरे राज्य में जाकर छोटा किसान उपज कैसे बेच पाएगा.



किसानों को सही कीमत नहीं दी गई
वहीं, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि शांता कुमार कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एमएसपी खत्म की गई है. इन कानूनों में, एमएसपी खत्म होने के बाद कॉट्रेक्ट खेती के जरिए ओने पोने दामों में किसान को फसल बेचनी पड़ेगी. छत्तीसगढ़ में ऐसा हो चुका है जब कॉट्रेक्ट खेती वाले भाग खड़े हुए. किसानों को सही कीमत नहीं दी गई.
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