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Jaipur: रेपिस्ट सिकंदर उर्फ जीवाणु के गुनाहों का हुआ फैसला, जीवन की अंतिम सांस तक रहना होगा जेल में

विशेष लोक अभियोजक किश्नावत ने कहा कि सरकार इस मामले में रेपिस्ट को  फांसी देने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी.
विशेष लोक अभियोजक किश्नावत ने कहा कि सरकार इस मामले में रेपिस्ट को फांसी देने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी.

राजधानी जयपुर में करीब डेढ़ साल पहले सात साल की मासूम से रेप (Rape) करने वाले रेपिस्ट सिकंदर उर्फ जीवाणु (Sikandr alias jivaanu) के गुनाहों का शुक्रवार को फैसला हो गया. कोर्ट ने उसे मरते दम तक जेल में रहने की सजा (Life inprisonment) सुनाई है.

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जयपुर. राजधानी जयपुर में गत वर्ष सात साल की मासूम से रेप (Rape) करने वाले रेपिस्ट सिकंदर उर्फ जीवाणु (Sikandr alias jivaanu) को अदालत ने जीवन की अंतिम सांस तक जेल में रखने की सजा (Life inprisonment) सुनाई है. करीब डेढ़ साल पुराने इस मामले में राजधानी की पोक्सो कोर्ट संख्या-3 के जज डॉ. एलडी किराडू ने जीवाणु को यह सजा सुनाई है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अपराधी को समाज से दूर रखना जरूरी है. वहीं यह भी जरूरी है कि वह जेल में रहकर अपने कृत्यों का प्रायश्चित करे. सरकारी वकील ने मामले में रेपिस्ट को फांसी की सजा देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे स्वीकार नहीं किया.

राजधानी जयपुर को हिलाकर रख देने वाली यह वारदात गत वर्ष 1 जुलाई 2019 को हुई थी. सिकंदर उर्फ जीवाणु ने सात साल की मासूम बच्ची से रेप की वारदात को अंजाम दिया था. उसके बाद जीवाणु जयपुर से फरार हो गया था. वारदात के बाद जयपुर में लोगों में काफी आक्रोश फैल गया था. वहीं लोग इस तरह की वारदात से खौफजदा भी हो गये थे. मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस ने लगातार सिकंदर के संदिग्ध ठिकानों पर छापामार कार्रवाई करते हुये सात दिन बाद अंतत: उसे 7 जुलाई को कोटा से गिरफ्तार कर लिया था. उसके बाद पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर जीवाणु के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया था.

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शेष प्राकृत जीवन तक जेल में रहने की सजा


कोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश किये गये साक्ष्य और गवाहों के बयानों के बाद पोक्सो कोर्ट-3 के जज डॉ. एलडी किराडू ने आज सिकंदर उर्फ जीवाणु को रेप का दोषी करार दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में तल्ख टिप्पणियां करते हुये जीवाणु को शेष प्राकृत जीवन तक जेल में रहने की सजा सुनाई. कोर्ट में इस मामले में सरकार की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक महावीर किश्नावत ने की.

विशेष लोक अभियोजक ने फांसी की सजा की देने मांग की थी
विशेष लोक अभियोजक किश्नावत ने कहा कि हमने रेपिस्ट को फांसी की सजा की देने मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया. बकौल किश्नावत कोर्ट ने कहा कि जब रेप की यह वारदात हुई थी तब पोक्सो में फांसी की सजा का प्रावधान नहीं था. ऐसे में इसमें पुराना कानून लागू होगा. किश्नावत ने कहा कि सरकार इस मामले में फांसी की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी.
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