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हवा का रुख बदलने से टिड्डियों ने वापस पकड़ी पाकिस्तान की राह, किसानों को राहत

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 24, 2019, 2:44 PM IST
हवा का रुख बदलने से टिड्डियों ने वापस पकड़ी पाकिस्तान की राह, किसानों को राहत
पाकिस्तान से भारत आई टिड्डियों ने अभी भी प्रदेश के सीमावर्ती कुछ जिलों में अपना आतंक कायम कर रखा है. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

गत दो महीने से भी ज्यादा समय से बॉर्डर पार कर पाकिस्तान (Pakistan) से भारत (India) आ रही टिड्डियों (Locusts) की समस्या से जूझ रहे राजस्थान (Rajasthan )के लिए अब हवा का रुख कुछ राहत (Relief) लेकर आया है. पिछले दो-तीन दिन से हवा भारत के पक्ष (favor) में बनी हुई है.

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जयपुर. बीते दो महीने से भी ज्यादा समय से सीमा पार कर पाकिस्तान (Pakistan) से भारत (India) आ रही टिड्डियों (Locusts) की समस्या से जूझ रहे राजस्थान (Rajasthan) के लिए राहत की खबर है. पिछले दो-तीन दिन से हवा का रूख बदलने की वजह से टिड्डियां अब वापस पाकिस्तान का रुख कर रही हैं. माना जा रहा है कि इससे अब टिड्डियों की समस्या से कुछ राहत मिलने की संभावना है.

प्रदेश की सरकारी मशीनरी बीते दो महीने से भी ज्यादा समय से टिड्डी नियंत्रण के लिए जूझ रही है, लेकिन इसमें आंशिक रूप से ही सफलता मिली है. पाकिस्तान से भारत आए टिड्डियों के दल ने प्रदेश के कुछ सीमावर्ती जिलों में अपना आतंक कायम कर रखा है. वैज्ञानिक तरीकों से टिड्डियों पर नियंत्रण कर पाने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सकी सरकारी मशीनरी के लिए अब प्रकृति कुछ राहत लेकर आई है. पिछले दो-तीन दिन से हवा का रूख भारत के पक्ष में बना हुआ है जिससे टिड्डियों का आतंक भी कम होता जा रहा है.

नए टिड्डी दलों का आना बंद हो गया है
कृषि विभाग जोधपुर के उप निदेशक (पौध संरक्षण) डॉ. केएल गुर्जर के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से भारत आने वाली हवाएं बंद हो गई हैं. इससे पाकिस्तान से हवा के साथ नए टिड्डी दलों का आना बंद हो गया है. वहीं अब हवा का रुख भारत से पाकिस्तान की ओर हो गया है. इससे टिड्डियां हवा के साथ वापस पाकिस्तान की ओर जा रही हैं.

सीमावर्ती इन जिलों में फैला है टिड्डियों का आंतक
अभी जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर जिले में टिड्डियों का प्रकोप है. जैसलमेर के मोहनगढ़, रामगढ़, भारेवाला, फतेहगढ़, म्याजलार और पोकरण में टिड्डियों का प्रकोप है. वहीं जोधपुर के बाप क्षेत्र में भी टिड्डियों का आतंक है. बीकानेर के बज्जू, बीकमपुर, गज्जेवाला, रणजीतपुरा और पूगल क्षेत्र में टिड्डियों ने डेरा डाल रखा है. इसके अलावा बाड़मेर के शिव और गडरा रोड़ क्षेत्र में टिड्डियों की समस्या है.

Locusts-टिड्डियों का आतंक
जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर जिले में टिड्डियों का प्रकोप है. (फोटो: न्यूज़ 18 राजस्थान)
140 अधिकारी-कर्मचारी टिड्डी नियंत्रण के लिए जुटे 
टिड्डी नियंत्रण के लिए सरकारी मशीनरी लगातार जुटी हुई है. प्रभावित इलाकों में 45 कंट्रोल व्हीकल और 25 सर्वे व्हीकल लगाए हुए हैं. कृषि विभाग के करीब 140 अधिकारी-कर्मचारी इस काम में जुटे हुए हैं. यूएलवी का इस्तेमाल कर प्रभावित क्षेत्र में मैलाथियान 96 प्रतिशत दवा का स्प्रे किया जा रहा है.

Locusts-टिड्डियों का आतंक
अधिकारियों के मुताबिक जिस पीली टिड्डी का प्रकोप प्रदेश में है वो फसल को नुकसान नहीं करती. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।


प्रदेश में पीली टिड्डी का प्रकोप है
अधिकारियों के मुताबिक जिस पीली टिड्डी का प्रकोप राजस्थान में है वो फसल को नुकसान नहीं करती. लिहाजा किसानों को ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है. ये टिड्डियां जमीन के लगभग पांच से छह सेंटीमीटर अंदर अंडे देती हैं. 15 दिन बाद इनसे नई टिड्डियां पैदा होती हैं. इसलिए इन पर नियंत्रण करना काफी मुश्किल हो जाता है. मैलाथियान दवा चूंकि फसल को नुकसान कर सकती है. इसलिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को फ्लोरो 20 प्रतिशत दवा का छिड़काव करने की सलाह दी जा रही है. राज्य सरकार इस दवा पर सब्सिडी भी दे रही है.

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First published: September 24, 2019, 11:21 AM IST
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