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क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के पीड़ितों को राहत, जिला एवं सेशन न्यायालयों में हो सकेगी सुनवाई

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: January 30, 2020, 6:03 PM IST
क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के पीड़ितों को राहत, जिला एवं सेशन न्यायालयों में हो सकेगी सुनवाई
रजिस्ट्रार नीरज के. पवन के मुताबिक सहकारिता विभाग के पोर्टल पर क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध अब तक 59 हजार शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं.

क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों (Credit Co-operative Societies) की धोखाधड़ी का शिकार हुए निवेशकों के लिए राहत (Rlief) की बड़ी खबर है. प्रदेश के सभी जिला एवं सेशन न्यायालयों में अब इन मामलों की सुनवाई (Hearing) हो सकेगी.

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जयपुर. क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों (Credit Co-operative Societies) की धोखाधड़ी का शिकार हुए निवेशकों के लिए राहत (Rlief) की बड़ी खबर है. प्रदेश के सभी जिला एवं सेशन न्यायालयों में अब इन मामलों की सुनवाई (Hearing) हो सकेगी. 'द बेनिंग ऑफ अनरेग्युलेटेड डिपोजिट एक्ट' (The benning of unregulated deposit act) के तहत जिला एवं सेशन न्यायालयों को सुनवाई और निस्तारण का अधिकार देने वाला राजस्थान (Rajasthan) देश का पहला राज्य बन गया है. इस संबंध में विधि एवं विधिक कार्य विभाग की ओर से अधिसूचना (Notification) जारी की जा चुकी है.

पीड़ितों को जल्द न्याय उपलब्ध होगा
सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के. पवन ने बताया कि अब इस एक्ट के तहत पीड़ितों को जल्द न्याय उपलब्ध होगा. इस एक्ट को लागू करने वाला भी राजस्थान देश का पहला राज्य बना था. राजस्थान में मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों द्वारा लाखों लोगों के साथ हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है. धोखाधड़ी के ज्यादातर मामले क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध हैं. आदर्श, संजीवनी और नवजीवन आदि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध एसओजी की ओर से कार्रवाई की जा रही है.

अब तक 59 हजार शिकायतें

रजिस्ट्रार नीरज के. पवन के मुताबिक सहकारिता विभाग के पोर्टल पर क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध अब तक 59 हजार शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं. इन शिकायतकर्ताओं से 1,142 करोड़ रुपये की ठगी इन सोसायटियों द्वारा की गई है. पोर्टल पर शिकायतें मिलने का सिलसिला लगातार जारी है. ज्यादातर शिकायतें मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध दर्ज करवाई गई हैं.

केन्द्रीय रजिस्ट्रार का नियंत्रण होता है
गौरतलब है कि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों पर केन्द्रीय रजिस्ट्रार का नियंत्रण होता है. प्रदेश में धोखाधड़ी के 99 फीसदी मामले मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के विरुद्ध ही हैं. पिछले दिनों सहकारिता रजिस्ट्रार ने इस संबंध में केन्द्रीय रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर सोसायटियों पर कार्रवाई जल्द शुरु करने का आग्रह किया था. इसके साथ ही एक विशेष टीम भी जयपुर भेजने को कहा था. 

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First published: January 30, 2020, 5:59 PM IST
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