पदोन्नति में आरक्षण: कांग्रेस का हल्ला बोल प्रदर्शन, गहलोत ने कहा- केंद्र की नीयत में खोट
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पदोन्नति में आरक्षण: कांग्रेस का हल्ला बोल प्रदर्शन, गहलोत ने कहा- केंद्र की नीयत में खोट
सीएम ने कहा पदोन्नति में आरक्षण मिलना चाहिए. राजस्थान को मॉडल बनाकर केंद्र सभी राज्यों में पदोन्नति में आरक्षण दे.

पदोन्नति में आरक्षण (Reservation in promotion) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केंद्र सरकार (Central government) के रुख के खिलाफ कांग्रेस (Congress) ने राजधानी जयपुर (Jaipur) में रविवार को कलक्ट्रेट सर्किल पर हल्ला बोल प्रदर्शन (Demonstration) कर धरना दिया.

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जयपुर. पदोन्नति में आरक्षण (Reservation in promotion) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केंद्र सरकार (Central government) के रुख के खिलाफ कांग्रेस (Congress) ने राजधानी जयपुर (Jaipur) में रविवार को कलक्ट्रेट सर्किल पर हल्ला बोल प्रदर्शन (Demonstration) कर धरना दिया. केंद्र सरकार के खिलाफ दिए गए धरने में कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी, आरएसएस (BJP-RSS) और केंद्र सरकार पर जमकर निशाने साधे. सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह नोटबंदी की थी वैसे ही कभी भी आरक्षण खत्म करने की घोषणा कर देंगे.

जनमत के खिलाफ फैसले कर रहे हैं
गहलोत ने कहा पदोन्नति में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही सोनिया गांधी ने निर्देश दिए केंद्र की मंशा ठीक नहीं है. देश के 61 फीसदी लोग इनके खिलाफ हैं. इसके बावजूद जनमत के खिलाफ फैसले कर रहे हैं. आज एससी एसटी के लोगों को संदेह हो रहा है, क्योंकि केंद्र की नीयत में खोट है. गहलोत ने बीजेपी और केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि ये अपना एजेंडा लागू करना चाहते हैं. अपना एजेंडा लागू करने के लिए ये लोग कुछ भी कर सकते हैं.

राजस्थान को मॉडल बनाकर केंद्र सभी राज्यों में पदोन्नति में आरक्षण दे



सीएम ने कहा पदोन्नति में आरक्षण मिलना चाहिए. राजस्थान को मॉडल बनाकर केंद्र सभी राज्यों में पदोन्नति में आरक्षण दे. इसके लिए कानून में संशोधन किया जाए. गहलोत ने आरोप लगाया कि आरक्षण को लेकर खतरनाक खेल खेला जा रहा है. गहलोत ने कहा कि यह केवल एससी-एसटी का मुद्दा नहीं है, बल्कि संविधान को बचाने का मुद्दा है.



आरक्षण गरीबी हटाओ योजना नहीं है
डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि एससी-एसटी का आरक्षण गरीबी हटाओ योजना नहीं है. सदियों से असमानता का दंश झेल रहे लोगों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें न्याय देने का जरिया है. वंचित वर्ग के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस सरकार हमेशा खड़ी रहेगी. केंद्र सरकार मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बेवजह के मुद्दे लाती है.

 

आरक्षण के खिलाफ आरएसएस का शुरू से एजेंडा रहा है
प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि आरएसएस का वंचितों के आरक्षण के खिलाफ हमेशा से एजेंडा रहा है. महात्मा गांधी सहित कांग्रेस के नेता उस समय से ही संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी देश में अशांति का वातावरण फैला रही है. केंद्र सरकार वंचितों के आरक्षण के साथ छेड़छाड़ कर रही है. कांग्रेस इसके खिलाफ संघर्ष करेगी.

मुकदमें वापसी का मुद्दा भी प्रमुखता से गूंजा
धरने में कांग्रेस के एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों से जुड़े विधायकों और नेताओं ने प्रमुखता से हिस्सा लिया. धरने में बीजेपी राज के दौरान 2 अप्रैल को हुए प्रदर्शनों के बाद एससी-एसटी के लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमें वापस लेने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. मंत्री रमेश मीणा और मास्टर भंवरलाल ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया.

वंचित वर्ग के वोटों पर पकड़ मजबूत करने की कवायद
केंद्र के खिलाफ धरने प्रदर्शन का राजनीतिक महत्व है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ एससी-एसटी वर्ग के आक्रोश को देखते हुए कांग्रेस ने इन वर्गों के साथ खड़े होने का दांव चला है. एससी-एसटी कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक रहा है. धरने के जरिए कांग्रेस नेताओं ने दोनों वर्गों को यह मैसेज देने का प्रयास किया कि वह इस मुद्दे पर उनके साथ है. इसके जरिए कांग्रेस को केंद्र को वंचित वर्ग विरोधी ठहराने का मौका भी मिल गया.

 

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First published: February 16, 2020, 6:51 PM IST
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