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Rajasthan: रेजीडेंट डॉक्टर भी करेंगे कोविड ड्यूटी, प्रेक्टिकल एक्सपीरियंस लेना होगा जरूरी

Rajasthan: रेजीडेंट डॉक्टर भी करेंगे कोविड ड्यूटी, प्रेक्टिकल एक्सपीरियंस लेना होगा जरूरी

भारत की जनसंख्या को देखते हुए सरकार कई वैक्सीन लाने पर कर रही है विचार.. (File)

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सरकार के निर्देश के मुताबिक रेजीडेंट डॉक्टरों (Resident Doctor) की सेवाएं रोटेशन के आधार पर 8 सप्ताह के लिए ली जा सकती है. ऐसी सेवाओं को उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा माना जाएगा. 

जयपुर. राजस्थान में कोरोना (COVID-19) की स्थिति को देखते हुए अशोक गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब कोरोना वायरस से जंग में रेजीडेंट डॉक्टरों (Resident Doctors) की भी मदद ली जाएगी. सरकार ने सीनियर व जूनियर रेजीडेंट चिकित्सकों की सभी अस्पतालों में सेवाएं लेने का निर्णय लिया है. प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में रेजीडेंट डॉक्टरों की सेवाएं ली जा सकेंगी. कोविड-19 की ​परिस्थिति को देखते हुए प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत रेजीडेंट और सीनियर रेजीडेंट चिकित्सकों को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल व माइक्रोबॉयोलॉजी लैब में प्रेक्टिल एक्सपीरियंस लेना जरूरी होगा. प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोडा ने आदेश जारी किए है.

सरकार के निर्देश के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और नियंत्रक अपने यहां कार्यरत सभी रेजीडेंट डॉक्टरों की सेवाएं रोटेशन के आधार पर 8 सप्ताह के लिए कॉलेज से सबंधित कोविड हॉस्पिटल व अन्य चिकित्सा संस्थान में ले सकते हैं. इसके अतिरिक्त राज्य के किसी भी सामान्य चिकित्सालय, माइक्रोबॉयोलॉजी लैब व सैटलेलाइट अस्पतालों में भी सीनीयर व जूनियर रेजीडेंट चिकित्सों की सेवाएं ली जा सकेंगी. प्रमुख शासन सचिव के अनुसार रेजीडेंट व सीनीयर रेजीडेंट की ऐसी सेवाओं को उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा माना जाएगा.

कोरोना मरीजों को पटाखों से हो सकती है परेशानी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विशेषज्ञ डॉक्टर्स की सलाह के आधार पर प्रदेशवासियों से अपील की है वे कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष दीपावली का त्यौहार स्व-अनुशासन में रहकर मनाएं और पटाखों के प्रयोग से बचें. सीएम अशोक गहलोत ने विशेषज्ञ डॉक्टर्स के साथ कोरोना की समीक्षा की है. लगभग 2 घण्टे चली बैठक में सभी विशेषज्ञों की राय थी कि पटाखों  से होने वाला धुआं और प्रदूषण आमजन के साथ-साथ कोरोना संक्रमित रोगियों तथा कोरोना से ठीक हुए व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से घातक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय ने कई बार आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

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वहीं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल प्रदेश के जिलों में पहले से ही पटाखों के उपयोग पर प्रतिबन्ध है. राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने पटाखों के उपयोग को प्रतिबन्धित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं. साथ ही, विशेषज्ञ चिकित्सक कोरोना संक्रमण की स्थिति में लगातार पटाखों के उपयोग से बचने के लिए सचेत कर रहे हैं. ऐसे में, सभी के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आत्म-अनुशासन में रहकर दीपावली मनाना जरूरी है.

Tags: Chief Minister Ashok Gehlot, Corona, COVID 19 cases in Rajasthan, Covid-19 Case, Rajasthan government

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