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मांगें नहीं मानी गई तो 18 नवंबर से बेमियादी हड़ताल करेंगे रेजिडेंट डॉक्टर

Sachin Sharma | News18 Rajasthan
Updated: November 14, 2019, 1:12 PM IST
मांगें नहीं मानी गई तो 18 नवंबर से बेमियादी हड़ताल करेंगे रेजिडेंट डॉक्टर
रेजिडेंट डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया

रेजिडेंट डॉक्टरों की बुधवार को हुई जनरल बॉडी मीटिंग (General Body Meeting) में यह फैसला किया गया कि सुरक्षा सहित चार सूत्री मांगों को यदि सरकार पूरा नहीं करती है तो वे 18 नवंबर से बेमियादी हड़ताल (Indefinite Strike) शुरू करेंगे.

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जयपुर. रेजिडेंट डॉक्टरों (Resident doctors) ने एक बार फिर अपनी मांगों को पूरी करवाने के लिए आंदोलन की राह पकड़ी है. रेजिडेंट डॉक्टरों की बुधवार को हुई जनरल बॉडी मीटिंग (General Body Meeting) में यह फैसला किया गया कि सुरक्षा सहित चार सूत्री मांगों को यदि सरकार पूरा नहीं करती है तो रेजिडेंट डॉक्टर 18 नवंबर से बेमियादी हड़ताल (Indefinite Strike) शुरू करेंगे. इससे पहले आज गुरुवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध (Doctors tied black band and Protested) जताया. रेजिडेंट डॉक्टर शुक्रवार को भी काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताते हुए काम करेंगे.

डॉक्टरों की सुरक्षा निश्चित की जाए

जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स के अध्यक्ष डॉ. अजीत बागड़ा ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टर्स की सुरक्षा के लिए एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital) में हाल ही में बाउंसर्स लगाए गए, लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Dr. Raghu Sharma) ने ये बाउंसर्स हटवा दिए. डॉ. अजीत बागड़ा का कहना है कि रेजिडेंट डॉक्टर्स की सुरक्षा को लेकर सरकार लापरवाही बरत रही है. ऐसे में कल हुई जनरल बॉडी मीटिंग में रेजिडेंट डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी सुरक्षा को लेकर मुद्दा उठाया और कहा कि एसएमएस अस्पताल प्रशासन रेजिडेंट डॉक्टर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करे.

डॉक्टरों ने मांग की है कि राज्य सरकार पीजी की बढ़ाई गई फीस को तत्काल वापस ले.


पीजी की फीस बढ़ाने का विरोध

साथ ही डॉक्टरों ने पीजी की फीस बढ़ाकर एक लाख किए जाने का भी विरोध किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीजी की बढ़ाई गई फीस को तत्काल वापस ले. डॉक्टरों के आवास की समस्या का मुद्दा भी एक बार फिर उठाया गया है. इसमें कहा गया है कि रेजिडेंट डॉक्टरों के रहने के इंतजाम किए जाएं. यदि उनके आवास की व्यवस्था नहीं होती है तब सरकार उन्हें हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का भुगतान करे. सेवारत रेजिडेंट डॉक्टर को सीनियर रेजिडेंटशिप के लिए 1 साल की राज्यसेवा अनिवार्य की गई है जो कि राज्य सरकार के पूर्व आदेशों के विपरीत बताई गई है. डॉक्टरों ने इस आदेश को भी वापस लेने की मांग की है.

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First published: November 14, 2019, 1:12 PM IST
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