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चुनाव लड़ने की तैयारी में कई रिटायर्ड अधिकारी, विधानसभा की शोभा बढ़ाने की ललक में लगातार कर रहे जनसंपर्क

Rajasthan Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर भागचंद बधाल, बृजमोहन मीना और के सी वर्मा जैसे कई सरकारी और रिटायर्ड कर्मचारी चुनाव लड़ने की तैयारी में नजर आ रहे है.

Rajasthan Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर भागचंद बधाल, बृजमोहन मीना और के सी वर्मा जैसे कई सरकारी और रिटायर्ड कर्मचारी चुनाव लड़ने की तैयारी में नजर आ रहे है.

Rajasthan Assembly Election: राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं. लिहाजा कई पूर्व नौकरशाह भी सियासी ...अधिक पढ़ें

जयपुर. हाकिम से हुक्मरान बनने वालों के ख्वाब इन दिनों हिलोरें मार रहे हैं. राजस्थान के कई अफसर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं. राज्य में इस साल के आखिर में विधानसभा के चुनाव होने हैं. जाहिर है कोई शैक्षिक क्रांति लाने का वादा कर रहा है, तो कुछ अफसर रिटायरमेंट के बाद सियासी जमीन की तलाश में जुट गए हैं. आम जनता खामोशी से इन अफसरों पर निगाह बनाए हुए है, जो नेता बनने का सपना पाले हुए हैं. अब यह देखना रोचक होगा कि इन अधिकारियों के ख्वाब पूरे हो पाते हैं या नहीं.

भागचंद बधाल राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं. पिछले तीन साल से फुलेरा विधानसभा क्षेत्र की हर एक स्कूल में बच्चों से मुखातिब हो रहे हैं. उन्हें करियर गाइडेंस दे रहे हैं. छात्र-छात्राएं कैसे सफलता हासिल करें ये बखूबी बता रहे हैं. बधाल खुद चुनाव लड़ने की महत्वाकांक्षा कहीं जाहिर नहीं करते मगर उनके मन की बात जनता के समझ में तो आ ही रही है. बधाल आरएएस के टॉपर्स में से एक रहे हैं और वसुंधरा राजे के साथ सीएमओ में लंबे समय तक काम करने का तजुर्बा भी रहा है. इसलिए इलाके में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के जरिये बधाल अपनी सियासी जमीन पुख्ता करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं.

कतार में पूर्व चीफ सेक्रेटरी
भारतीय प्रशासनिक सेवा के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी रहे बृजमोहन मीना यूपी में चीफ सेक्रेटरी की रैंक तक पहुंच चुके हैं. कई जिलों के कलेक्टर और कमिश्नर रह चुके बृजमोहन मीना ने यूपी में नारायण दत्त तिवारी, रामप्रकाश गुप्ता, राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह, मायावती, अखिलेश यादव के साथ लंबे समय तक काम किया है. रिटायरमेंट के बाद बृजमोहन मीना को न तो लखनऊ रास आया और न ही नोएडा की गगनचुंबी इमारतें. शानो शौकत की जिंदगी छोड़ बृजमोहन मीना गांव लौट आए. आजकल लालसोट विधानसभा क्षेत्र के गांव देहात की पगडंडियां नाप रहे हैं. भाजपा से टिकट चाहते हैं और मकसद जनसेवा का बताते हैं.

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निवाई की पगडंडियों पर लगा रहे दौड़
निवाई के गांव चौपाल पर जनता के बीच मान मनोव्वल कर रहे के सी वर्मा जयपुर के संभागीय आयुक्त के ओहदे तक पहुंच चुके हैं. पिछले साल रिटायर होते ही भाजपा के रंग में रंग गए. अब पार्टी के आंदोलनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. निवाई से बीजेपी के टिकट की दावेदारी कर रहे केसी वर्मा तपती धूप में जनता का भरोसा जीतने की जददोजहद कर रहे हैं.

सियासत का नशा, बुढ़ापे का बड़ा सहारा
एसी कमरों में जवानी से लेकर बुढ़ापे की दहलीज तक अफसरी का हुक्म चलाने वाले लोग अब चुनाव लड़कर सत्ता में भागीदारी चाहते हैं. सदन की शोभा बढ़ाने के लिए भाग दौड़ कर रहे हैं. जो जवान हैं वो वीआरएस लेने की तैयारी कर रहे हैं तो बुजुर्गों को राजनीति में बुढ़ापा सुरक्षा और सम्मान का अहसास करा रहा है. इसलिए धरना-प्रदर्शनों में इन्हें धक्के भी अच्छे लग रहे हैं, ताकि हुकूमत आ जाए तो हुक्म फिर से चल जाए और सेवा के साथ मेवा भी मिल जाए. अफसरों का राजनीति के साथ लंबा गठजोड़ रहा है, इसलिए नौकरशाही राजनीति में सक्रिय कदम भी रखना चाह रही है. इनकी हसरत हिलोरे ले रही हैं. प्रशासन चलाने वाले अब शासन चलाने को अमादा है और ख्वाब सदन की शोभा बढ़ाने की है.

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