• Home
  • »
  • News
  • »
  • rajasthan
  • »
  • Jaipur: करीब 4 हजार कर्मचारियों को रोडवेज ने माला पहनाकर घर रवाना कर दिया, क्या है माजरा, पढ़ें इनसाइड स्टोरी

Jaipur: करीब 4 हजार कर्मचारियों को रोडवेज ने माला पहनाकर घर रवाना कर दिया, क्या है माजरा, पढ़ें इनसाइड स्टोरी

रोडवेज पर 4 हज़ार रिटायर कर्मियों का करीब 600 करोड़ रुपया बकाया है.

जिंदगी भर काम करने के बाद जमा की गई अपनी पूंजी देखने को भी तरसे कर्मचारी, रोडवेज (Roadways) नहीं दे रहा है कर्मचारियों का बकाया.

  • Share this:
जयपुर. अगर आप अपनी पूरी जिंदगी काम करें और आपके रिटायरमेंट (Retirement) के समय आपका विभाग आपको केवल माला पहनाकर रवाना कर दे तो आपको कैसा लगेगा. आपके बुढ़ापे का सहारा बनने वाली आपकी पूंजी में से आपको फूटी कौड़ी भी ना मिले तो आप क्या महसूस करेंगे. जाहिर अच्छा महसूस नहीं करेंगे. लेकिन गत चार बरस से राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) से रिटायर होने वाला प्रत्येक कर्मचारी कुछ ऐसी से पीड़ा से गुजर रहा है.

केस-1 कैलाश यादव, रिटायर्ड चालक
कैलाश यादव 31 जुलाई 2016 को रोडवेज में चालक पद से रिटायर हुए, लेकिन आज 4 साल बाद भी इनके हाथ खाली हैं. बच्चे की शादी करनी है. मकान बैंक के पास गिरवी है. उसे छुड़वाना है. यादव ने सोचा था रिटायरमेंट के बाद जो पैसा मिलेगा उससे सारे काम निपटा लेंगे, लेकिन आज पाई-पाई को मोहताज हैं.

Rajasthan: अब बिछेगी 3878 पंचायत चुनावों की चौसर, कभी हो सकता है तारीखों का ऐलान

केस-2 राजेन्द्र सिंह राजावत, रिटायर्ड परिचालक
कैलाश यादव जैसी स्थिति ही राजेन्द्र सिंह राजावत की है. राजावत जनवरी 2017 में रोडवेज से परिचालक के पद से रिटायर हुए. लेकिन आज साढ़े तीन साल बाद भी इनके हाथ खाली हैं. रिटायरमेंट के लिए इन्होंने जो भी प्लांनिग की थी वो सब धरी की धरी रह गई. वे हार्ट पेशेंट हैं. उन्हें अपनी दवाइयों के लिए भी दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है. रिटायरमेंट के बाद कहीं ठेके पर नौकरी करने लगे थे, लेकिन लॉकडाउन में वो भी चली गई. आज पाई-पाई के मोहताज हो गए हैं.



Rajasthan: कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अब जल्द मिलेगा राजनीतिक नियुक्तियों का तोहफा, हलचल हुई तेज

4 हज़ार रिटायर कर्मियों का 600 करोड़ रुपया है बकाया
कैलाश यादव और राजेंद्र सिंह राजावत की कहानी तो केवल एक बानगीभर है. रोडवेज में जुलाई 2016 के बाद रिटायर हुए करीब 4 हज़ार रोडवेज कर्मियों का यही हाल है. राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लाइज यूनियन के प्रदेश जनसंपर्क सचिव नारायण सिंह बताते हैं कि रोडवेज पर रिटायर्ड कर्मचारियों का करीब 600 करोड़ रुपया बकाया हो चुका है. हर माह कर्मचारी रिटायर होते हैं और यह आंकड़ा बढ़ता जाता है. हम लगातार प्रबंधन से मांग कर रहे हैं कि इनका भुगतान करें, लेकिन वह पैसा नहीं होने का रोना लेकर बैठ जाता है.

तीन साल में रोडवेज को मिली 757 करोड़ की मदद
यह बात सही है कि रोडवेज की माली हालत खराब है. लेकिन दूसरी और यह बात भी उतनी ही सही है कि रोडवेज का वित्तीय प्रबंधन बहुत खराब है. रोडवेज को दो अलग-अलग मद में अप्रेल 2017 से सरकार से अब तक करीब 757 करोड़ की आर्थिक मदद मिल चुकी है. इस मद में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भगतान करने की शर्त भी शामिल थी. लेकिन रोडवेज ने रिटायर कर्मचारियों को एक पैसे का भी भुगतान नहीं किया. वहीं रोडवेज के सीएमडी नवीन जैन कहते है कि "अभी हमारे पास पैसा नहीं है. जैसे ही पैसा आएगा सेवानिवृत कर्मचारियों का भुगतान प्राथमिकता से किया जाएगा".

रोडवेज को आर्थिक मदद की मिली मंजूरी
आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्प्लाइज एसोसिएशन के महासचिव हरगोविंद शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन में रोडवेज का संचालन बाधित होने के कारण RTIDF मद से रोडवेज को बकाया करीब 200 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मिलने को मंजूरी मिली है. ऐसे में हमने सरकार और रोडवेज प्रबंधन से मांग की है कि इस राशि मे से ज्यादा से ज्यादा भुगतान सेवानिवृत्तकर्मियों को किया जाए.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज