आंदोलनरत रोडवेजकर्मियों का अजमेर कूच शुरू, पीएम की सभा के विरोध का ऐलान

सिंधी कैम्प पर दिए जा रहे धरने में मौजूद रोडवेजकर्मी। फोटो: न्यूज18 राजस्थान
सिंधी कैम्प पर दिए जा रहे धरने में मौजूद रोडवेजकर्मी। फोटो: न्यूज18 राजस्थान

पिछले 19 दिनों से अपनी मांगों को लेकर चक्काजाम हड़ताल कर रहे रोडवेजकर्मी शनिवार को अजमेर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा का विरोध करेंगे. इसके लिए बड़ी संख्या में प्रदेशभर से रोडवेजकर्मियों के अजमेर जाने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है.

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पिछले 19 दिनों से अपनी मांगों को लेकर चक्काजाम हड़ताल कर रहे रोडवेजकर्मी शनिवार को अजमेर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा का विरोध करेंगे. इसके लिए बड़ी संख्या में प्रदेशभर से रोडवेजकर्मियों के अजमेर जाने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है.

प्रदेश के रोडवेजकर्मी अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर पिछले 19 दिनों से हड़ताल पर हैं. इसके चलते प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा हुई है. सरकार ने अभी तक गतिरोध खत्म करने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया है. ऐसे में अब रोडवेजकर्मियों ने शनिवार को अजमेर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा के विरोध का ऐलान कर दिया है.

10 हजार से ज्यादा रोडवेजकर्मियों के अजमेर पहुंचने का दावा
वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को उच्चस्तरीय मंत्री समूह की बैठक के बाद मंत्री राजपाल सिंह शेखावत की ओर से दिए गए बयान की भी संयुक्त मोर्चे ने निंदा की है. संयुक्त मोर्चे ने कहा है कि मंत्री राजपाल सिंह शेखावत को शायद पता नहीं है की रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन एक्ट 1950 के तहत रोडवेज की स्थापना हुई है. यह एक राजकीय उपक्रम है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों का कहना है कि रोडवेजकर्मी अजमेर डिपो से रैली के रूप में सभा स्थल पर जाएंगे. मोर्चे का दावा है कि 10 हजार से ज्यादा रोडवेजकर्मी अजमेर पहुंचेंगे.
मंत्री शेखावत ने यह कहा था


शुक्रवार को मंत्री समूह की बैठक के बाद मंत्री राजपाल सिंह ने रोडवेज कर्मचारियों के मामले में कहा कि उनकी मांगों पर कमेटी में चर्चा नहीं हुई। रोडवेज कर्मचारी सरकारी नहीं वरन कॉरपोरेशन के कर्मचारी हैं.
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