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राजस्‍थान के मॉडल स्‍कूलाें में सूर्य नमस्‍कार हुआ अनिवार्य

राजस्‍थान के मॉडल स्‍कूलाें में सूर्य नमस्‍कार हुआ अनिवार्य

मध्‍य प्रदेश जहां स्‍कूलों में सूर्य नमस्कार स्वैच्छिक है, वहीं राजस्‍थान की भाजपा सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए इसे अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में अभी इसे केवल मॉडल स्कूलों को शामिल किया गया है, लेकिन सरकारी स्कूल में भी इसे जल्‍द शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार के इस निर्णय को नागरिक अधिकार समूह और कुछ शिक्षाविद शिक्षा का भगवाकरण करने का प्रयास बता रहे हैं। इसे लेकर बहस भी छिड़ गई है।

मध्‍य प्रदेश जहां स्‍कूलों में सूर्य नमस्कार स्वैच्छिक है, वहीं राजस्‍थान की भाजपा सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए इसे अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में अभी इसे केवल मॉडल स्कूलों को शामिल किया गया है, लेकिन सरकारी स्कूल में भी इसे जल्‍द शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार के इस निर्णय को नागरिक अधिकार समूह और कुछ शिक्षाविद शिक्षा का भगवाकरण करने का प्रयास बता रहे हैं। इसे लेकर बहस भी छिड़ गई है।

मध्‍य प्रदेश जहां स्‍कूलों में सूर्य नमस्कार स्वैच्छिक है, वहीं राजस्‍थान की भाजपा सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए इसे अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में अभी इसे केवल मॉडल स्कूलों को शामिल किया गया है, लेकिन सरकारी स्कूल में भी इसे जल्‍द शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार के इस निर्णय को नागरिक अधिकार समूह और कुछ शिक्षाविद शिक्षा का भगवाकरण करने का प्रयास बता रहे हैं। इसे लेकर बहस भी छिड़ गई है।

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  • CNN-News18
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    मध्‍य प्रदेश जहां स्‍कूलों में सूर्य नमस्कार स्वैच्छिक है, वहीं राजस्‍थान की भाजपा सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए इसे अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में अभी इसे केवल मॉडल स्कूलों को शामिल किया गया है, लेकिन सरकारी स्कूल में भी इसे जल्‍द शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार के इस निर्णय को नागरिक अधिकार समूह और कुछ शिक्षाविद शिक्षा का भगवाकरण करने का प्रयास बता रहे हैं। इसे लेकर बहस भी छिड़ गई है।

    सूर्य नमस्‍कार को अनिवार्य व्यायाम बनाए जाने के बाद अब राजस्थान में स्कूली बच्चे सुबह प्रार्थना के साथ सूर्य नमस्कार और मेडिटेशन भी करते दिखेंगे।

    शिक्षा विभाग के इस आशय का आदेश मौजूदा 186 मॉडल स्कूलों में से 66 को जारी कर दिया गया है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अन्य स्कूलों को भी जल्द ही इसे लागू करना होगा।

    देवनानी ने कहा, ''मैं नहीं जानता कि मध्‍य प्रदेश क्‍या कर रहा है लेकिन हम राजस्थान के बच्चों को स्वस्थ रखना चाहते हैं। सूर्य नमस्कार में कई योग आसन हैं और यह नर्वस सिस्‍टम के लिए अद्भुत तरीके से काम करता है। अब तो यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र ने भी योग दिवस घोषित कर दिया है। हमने इसकी शुरुआत मॉडल स्‍कूल से की है और जल्‍द ही इसे सरकारी स्कूलों में भी शुरू करेंगे''।

    सरकार के इस फैसले का न सिर्फ नागरिक अधिकार समूह बल्कि शिक्षक संगठनों द्वारा भी तीखे विरोध का सामना पड़ रहा है।

    राजस्थान शिक्षक संघ, जयपुर के वकील महेश मिश्रा ने कहा, ''यह असंवैधानिक है, सरकार स्कूलों पर सूर्य नमस्कार लागू नहीं कर सकती है। इसमें जप भी शामिल है, इसलिए यह कैसे अनिवार्य बनाया जा सकता है''?

    शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने बताया कि योग और नैतिक शिक्षा को बाल सभाओं के जरिए लागू किया जाएगा, ताकि बच्चे राष्ट्रीयता, भारतीय नैतिक मूल्यों और संस्कृति को समझ सकें।

    गौरतलब है कि राजस्थान में अपने पिछले कार्यकाल में भी भाजपा ने योग शिक्षा अनिवार्य की थी और गणित के पाठ्यक्रम में वैदिक गणित को सम्मिलित कराया था। इसके अलावा पाठ्यपुस्तकों में भी बदलाव किए गए थे और इसे लेकर काफी विवाद हुआ था। योग शिक्षा के लिए बाबा रामदेव के शिविर लगवा कर शिक्षकों को प्रशिक्षित कराया गया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद इन सभी पर रोक लग गई। अब फिर इन सभी को अनिवार्य किया जा रहा है।

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