जयपुर जंक्शन पर RPF कर्मचारी ड्यूटी के साथ श्रमिकों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए करते हैं ये काम
Jaipur News in Hindi

जयपुर जंक्शन पर RPF कर्मचारी ड्यूटी के साथ श्रमिकों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए करते हैं ये काम
ये मजदूर नहीं जानते कि पुलिस और आरपीएफ में क्या फर्क है. इन्हें बस ये पता है कि जो पुलिस रेलवे स्टेशन पर काम कर रही है, वह बहुत अच्छा काम कर रही है.

जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन (Jaipur Junction Railway Station) पर तैनात आरपीएफ (RPF) के जवानों ने अपना एक फंड बनाया है. उससे ये मजदूरों (Laborers) को भोजन करा रहे हैं और उनके बच्चों को चॉकलेट दे रहे हैं.

  • Share this:
जयपुर. जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन (Jaipur Junction Railway Station) से पार्सल स्पेशल रेलों से लेकर मालगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है तो ऐसे में रेलवे स्टॉफ से भी ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है आरपीएफ. आरपीएफ (RPF) के जवान दिन-रात काम कर रहे हैं और अपनी जान की परवाह किए बगैर श्रमिकों (Laborer) का घर जाना सुनिश्चित कर रहे हैं. आरपीएफ के जवानों ने अपना एक फंड बनाया है. उससे ये मजदूरों को भोजन करा रहे हैं और उनके बच्चों को चॉकलेट दे रहे हैं.

आपने खाकी वर्दी के बहुत से रूप देखे होंगे, लेकिन रेलवे स्टेशन जिनके भरोसे काम करते हैं वो खाकी भी अलग अंदाज में देश सेवा में अपना योगदान दे रही है. लॉकडाउन से पहले ड्यूटी के घंटे तय होते थे, लेकिन अब ये जवान काम के घंटे नहीं गिन रहे, बल्कि दिन रात जरूरी रेलों के संचालन में भूख प्यास और परिवार भूलकर काम में लगे हैं. जयपुर जंक्शन पर 152 सिपाही रात दिन अपने फर्ज को निभा रहे हैं.

जवानों ने सैलरी से बनाया एक फंड
इन जवानों ने अपनी सैलरी से एक फंड भी बनाया है. उसी फंड से स्टेशन पर पहुंचने वाले ज़रूरतमंद मजदूरों को खाना भी खिला रहे हैं. मानवता की मिसाल पेश करते हुए मजदूरों के बच्चों के लिए चॉकलेट लेकर ड्यूटी पर जाते हैं और उनकी रवानगी से पहले जितने लोगों को खाना बांट सकते हैं, बांटते हैं.
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए पिछले 54 दिनों से लागू लॉकडाउन ने रेलवे सुरक्षा बल की डयूटी को ही बदल दिया है. अब इन्हें खाली पड़ी रेलों की सुरक्षा भी करनी है और जो चल रही हैं, उसके लिए भी अपनी जिम्मेदारी को पूरा करना है.



50 जवान बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को उनकी बोगी तक पहुंचाते हैं
सभी जवानों ने अपनी सैलरी में से एक हजार रुपए इकट्ठे कर एक स्पेशल फंड बनाया है.  इस फंड में जयपुर कमांडेंट एमएम खान ने भी अपनी सैलरी में से 10 हजार रुपए का योदगान दिया है.  बुजुर्ग यात्रियों को व्हील चेयर के जरिए कोच तक पहुंचा रहे हैं. स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के करीब 50 जवान स्टेशन पर आने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को स्टेशन की एंट्री से रिसीव करते हैं और उनकी बोगी तक उन्हें पहुंचाते है.

जयपुर आरपीएफ के इस व्यवहार को देख कर कहा जा सकता है कि ड्यूटी के अलावा ये जवान इंसानियत दिखाने में भी पीछे नहीं हैं. यहां से जाने वाले मजदूर इनकी सेवा से खुश हैं. ये मजदूर नहीं जानते कि पुलिस और आरपीएफ में क्या फर्क है. इन्हें बस ये पता है कि जो पुलिस रेलवे स्टेशन पर काम कर रही है, वह बहुत अच्छा काम कर रही है.

ये भी पढ़ें - 

प्रवासी मजदूर बोलीं- मकान मालिक ने घर से निकाला, 3 दिन से कुछ नहीं खाया 

Lockdown 4.0: दिल्ली रेड जोन से बाहर आने को तैयार, और आर्थिक गतिविधियां आज से
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading