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‘एक्स्ट्रा कांस्टीट्यूशनल अथॉरिटी’ के रूप में काम कर रहा है RSS: अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आरएसएस को खुद को राजनीतिक पार्टी में बदलकर खुलकर चुनावी मैदान में उतरना चाहिए. (फाइल फोटो)

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आरएसएस को खुद को राजनीतिक पार्टी में बदलकर खुलकर चुनावी मैदान में उतरना चाहिए. (फाइल फोटो)

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि, ‘मैं चाहूंगा कि कृपया करके आप आरएसएस (RSS) को राजनीतिक दल में बदल दो. खुलकर मैदान में आओ फिर देखो क्या होता है. हम आपका मुकाबला करेंगे.’

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    जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि वह देश में ‘एक्स्ट्रा कांस्टीट्यूशनल अथॉरिटी’ (संविधानेत्तर प्राधिकार) के रूप में काम कर रहा है और उसकी मर्जी के बिना न कोई मंत्री बन सकता है, न मुख्यमंत्री, न ही प्रधानमंत्री.

    सभी क्षेत्रों में बढ़ रहा है आरएसएस का दबदबा
    गहलोत विधानसभा में भारतीय संविधान को अंगीकृत करने के 70 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत के संविधान तथा मूल कर्तव्यों पर हुई चर्चा में भाग ले रहे थे. सामने बैठे प्रतिपक्षी भाजपा सदस्यों की ओर इशारा करते हुए गहलोत ने विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियों का जिक्र किया और कहा, ‘सभी क्षेत्रों में आरएसएस का दबदबा बढ़ रहा है और भविष्य में 'मोदी है तो मुमकिन है' की योजना पर आप कामयाब हो जाओ ये आपकी चाल है.’

    बिना आरएसएस से पूछे न कोई मंत्री बन सकता है, न मुख्यमंत्री और न प्रधानमंत्री
    अशोक गहलोत ने कहा, ‘आपातकाल के दौरान संजय गांधी पर आरोप लगता था कि ये देश में ‘एक्स्ट्रा कांस्टीट्यूशनल अथॉरिटी’ के रूप में काम कर रहे हैं. वे तो करते थे या नहीं, सब जानते हैं, पर आज देश में आरएसएस ‘एक्स्ट्रा कांस्टीट्यूशनल अथॉरिटी’ के रूप में काम कर रहा है. बिना उससे पूछे न कोई मंत्री बन सकता है, न मुख्यमंत्री, न प्रधानमंत्री. बिना उनकी मर्जी के कोई इनमें से कोई पद नहीं पा सकता.’

    आरएसएस के प्रचारक रहे मोदी CM बने, बाद में PM बन गए
    गहलोत ने कहा, ‘आरएसएस के प्रचारक रहे मोदी मुख्यमंत्री बन गए. बाद में प्रधानमंत्री बन गए, इसका मतलब आरएसएस का ही राज है. वल्लभभाई पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया तो बाद में आपने माफी मांगी कि हम अब कभी राजनीति में भाग नहीं लेंगे केवल सांस्कृतिक क्षेत्र में काम करेंगे.’

    मोदी से की माफी मांगने की मांग
    उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) कम से कम देश से एक माफी मांगे कि उस वक्त हम महात्मा गांधी और पटेल को समझ नहीं पाए थे, इसलिए उस वक्त हम इनका नाम लेते नहीं थे, इनको मानते नहीं थे. अब हम इनको दिल से मानते हैं, दिमाग से मानते हैं. खाली दिमाग से नहीं मानते हैं.’

    अब आप देश पर राज कर रहे हो
    इसके साथ ही गहलोत ने आरएसएस को राजनीतिक संगठन के रूप में काम करने की सलाह देते हुए कहा, ‘आरएसएस को मेरी एक सलाह है कि अब इनको अपने आपको राजनीतिक दल में बदल लेना चाहिए. किसी वक्त आपने राजनीति नहीं करने का लिखकर दिया होगा, वह अलग बात थी. अब आप देश पर राज कर रहे हो, आपको लिखकर देना चाहिए कि आरएसएस खुद सरकार में बदल जाए, नाम चाहे भाजपा का रहे.’ गहलोत ने कहा, ‘आरएसएस के विचारक गोविंदाचार्य ने किसी समय कहा था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी मुखौटा हैं, हमारे पीछे कोई और है.

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