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विधानसभा में हंगामा: स्पीकर जोशी ने अपनाया कड़ा रुख, कहा- राज करने वालों को विपक्ष की बात सुननी पड़ेगी

स्पीकर जोशी ने कहा कि नियम कायदों में यह स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि अध्यक्ष जिस भी सदस्य को बोलने की परमिशन देता है उसे बीच में नहीं टोका जाएगा जब तक कि वह बैठ नहीं जाए.

स्पीकर जोशी ने कहा कि नियम कायदों में यह स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि अध्यक्ष जिस भी सदस्य को बोलने की परमिशन देता है उसे बीच में नहीं टोका जाएगा जब तक कि वह बैठ नहीं जाए.

Vidhan Sabha Budget session: सदन में आज विपक्ष की शिकायत पर स्पीकर डॉ. सीपी जोशी (Speaker Dr. CP Joshi) ने सत्ता पक्ष का फटकार लगाते हुये कहा कि राज करने वालों को विपक्ष (Opposition) की बात सुननी पड़ेगी.

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जयपुर. विधानसभा (Vidhan Sabha Budget session) के चल रहे सत्र में आज बजट बहस के दौरान हंगामे के हालात हो गये. इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी (Speaker Dr. CP Joshi) ने सत्ता पक्ष के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुये कहा कि सत्ता पक्ष राज करता है जबकि विपक्ष केवल बोलता है. उन्होंने कहा कि राज करने वालों को विपक्ष की बात सुननी पड़ेगी. स्पीकर ने हिदायत दी कि राजस्थान की संसदीय परंपराओं (Parliamentary traditions) की मिसाल दी जाती है और यदि नियम कायदों का पालन नहीं किया जाता है तो स्पीकर होने के नाते उन्हें कड़े निर्णय लेने पड़ेंगे.

दरअसल आज जब विपक्ष बोल रहा था तो सत्ता पक्ष के सदस्य बार-बार टोकाटाकी कर रहे थे. इससे आहत विपक्ष ने वैल में आकर नारेबाजी की. उसके चलते पैदा हुये व्यवधान के कारण सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिये स्थगित करना पड़ा. उस समय सदन में आसन पर राजेन्द्र पारीक थे. उसके बाद जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो आसन पर स्पीकर डॉ. सीपी जोशी आए.

नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने स्पीकर को बताई पीड़ा
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने आसन को अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि जब संसदीय मंत्री ही हंगामे में शामिल हो जाए तो आखिर सदन कैसे चलेगा ? उन्होंने कहा कि आसन से बार-बार टोकने के बावजूद सत्ता पक्ष द्वारा उसकी अवहेलना की जा रही है. आसन भी अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है. कटारिया ने कहा कि सदन चलाना केवल विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं है. अगर सत्ता पक्ष सदन पर नहीं चलाना चाहता है तो वह नहीं चलेगा.
संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल बोले विपक्ष पर भी यह बात लागू होनी चाहिये


इस पर स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने भी सख्त रुख अपना लिया. उन्होंने कहा कि नियम कायदों में यह स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि अध्यक्ष जिस भी सदस्य को बोलने की परमिशन देता है उसे बीच में नहीं टोका जाएगा जब तक कि वह बैठ नहीं जाए. उधर संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा की विपक्ष के लोग अपने वक्तव्य में जो असत्य बातें बोलते हैं उनके चलते उत्तेजनावश हमें बीच में बोलना पड़ता है. उन्होंने कहा कि विपक्ष पर भी यह बात लागू होनी चाहिए कि वह बीच में टोकाटाकी ना करें.

मुख्यमंत्री के रिप्लाई का समय 1 घंटे आगे बढ़ाया
सदन में हंगामे और कार्यवाही स्थगित होने के चलते करीब एक घंटे का समय बर्बाद हो गया. इस पर नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने इसे लेकर स्पीकर से आग्रह किया कि नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री के बोलने के वक्त को आगे खिसकाया जाए ताकि डिबेट सही तरीके से हो सके. उनके आग्रह पर स्पीकर ने व्यवस्था देते हुए नेता प्रतिपक्ष के वक्तव्य का समय शाम 4 बजे से बढ़ाकर 5 बजे और मुख्यमंत्री के रिप्लाई का समय शाम 5 बजे से बढ़ाकर 6 बजे निर्धारित कर दिया.
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